उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को घोषणा की कि पृथक राज्य के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के बाद उन्हें पेंशन दी जाएगी।

यहां 15वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘मैंने और मेरे मंत्रिमंडल सहयोगियों ने निर्णय लिया है कि आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के बाद उन्हें पेशन दी जाएगी।’

रावत ने हालांकि कहा कि आंदोलनकारियों को दी जाने वाली इस पेंशन की राशि सबके लिए समान नहीं होगी और इसमें भिन्नता होगी।

इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं बहुत विनम्रता के साथ कहना चाहता हूं कि सब लोग यह समझें कि पेंशन एक सम्मान है और उसका मूल्य वजन और अंकों में नहीं नापा जाता।’