गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने को लेकर पिछले कुछ दिनों से खूब बयानबाजी हो रही है। राज्य आंदोलनकारियों की भी हमेशा यही मांग रही है। लेकिन इस मुद्दे पर हरीश रावत सरकार में वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज होने की पूरी संभावना है।

राज्य स्थापना दिवस पर हरिद्वार जिले की प्रभारी मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा कि राज्य की स्थायी राजधानी देहरादून में ही रहेगी। गैरसैंण केवल विधानसभा सत्र चलाने के लिए है। इसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी।

हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेद परिसर के सभागार में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए इंदिरा हृदयेश ने कहा कि राज्य की राजधानी पर जल्द ही असमंजस की स्थिति खत्म होने वाली है।

राज्य सरकार गैरसैंण के विकास के लिए बाध्य है। लेकिन स्थायी राजधानी देहरादून के अलावा अन्य कहीं नहीं हो सकती। अधिकारियों को चेताया कि वह जनता की समस्याएं सुलझाने के लिए उनके बीच जाएं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर से किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान करवाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा राज्य सरकार चीनी मिलों की बदहाली दूर करने की भी कोशिश कर रही है। विधानसभा चुनाव-2017 के लिए कांग्रेस पूरी तरह से तैयार है। चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी तक देश में कोई ऐसा प्रधानमंत्री नहीं हुआ जिसने किसी विधानसभा चुनाव में 32 सभाएं की हों। लेकिन नतीजा फिर भी पक्ष में नहीं रहा। कहा, विशेष भाषा एवं शब्दावली का प्रयोग जनता ने कभी बर्दाश्त नहीं किया है। वह केवल विकास को महत्व देती है।