रोशनी के पर्व दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। इसलिए दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए लोग शुभ मुहूर्त भी निकलवाते हैं और यह बेहद जरूरी भी है। तो क्या है इस बार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त… यहां जानें…

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि बुधवार 11 नवंबर को दीपावली के दिन प्रदोष व्यापिनी अमावस्या है। इस दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन एवं दीपदान करना उत्तम रहेगा। बहीखाता पूजन का सबसे शुभ समय शाम 4.05 बजे से 5.25 बजे शाम तक लाभ की चौघड़िया में रहेगा। प्रदोष काल शाम 5.18 बजे से 7.42 बजे तक रहेगा।

अमावस्या 10 नवंबर की रात 9.15 बजे शुरू होगी जो कि 11 नवंबर को रात 11.10 बजे तक रहेगी। 11 नवंबर को प्रदोष काल शाम 7.42 बजे तक है। विशाखा नक्षत्र दोपहर 1.23 बजे शुरू होगा, सौभाग्य योग रात 4.25 बजे तक रहेगा। तुला राशि का सूर्य एवं चंद्रमा रहेगा।

रात्रि में चारमुखी दीप जलाकर श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त एवं कनक धारा स्तोत्र का पाठ करने के साथ ही लक्ष्मी, गणेश, काली, कुबेर का पूजन करना शुभ रहेगा।

उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार अमावस्या तिथि रात 11.10 बजे तक रहेगी। शाम को 4.05 बजे से 5.25 बजे तक लाभ की चौघड़िया में बहीखाता पूजन सबसे अधिक शुभ रहेगा।

डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार इस समय पूजन न कर पाने वाले शाम को 5.33 से 7.28 बजे तक वृष लग्न में भी खाता पूजन कर सकते हैं।

शुभ लग्न
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निशिथ काल- निशिथ काल रात 8 बजे से 10.42 बजे रात तक रहेगा। रात 9.42 तक मिथुन लग्न मध्यम एवं इसके बाद कर्क लग्न रात 12.05 तक विशेष शुभ है। रात 8.40 से 10.20 तक अमृत की चौघड़िया रहेगी। इसके पश्चात 12.02 मिनट रात्रि तक चर की चौघड़िया रहेगी। इस अवधि में श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त का पाठ करना फलदायी होगा।

महानिशिथ काल- रात 10.42 बजे से 1.24 बजे तक महानिशीथ काल रहेगा। रात 12.02 बजे तक चर की चौघड़िया तथा कर्क लग्न रहेगा। यह समय श्री महालक्ष्मी पूजन, महाकाली उपासना, तांत्रिक क्रिया आदि के लिए शुभ है।