धनतेरस का भारतीय जनमानस में विशेष महत्व है। धनतेरस के दिन से ही पांच दिन तक चलने वाले त्योहार दीपावली की शुरुआत हो जाती है। सुखी जीवन के लिए धन के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य की जरूरत भी होती है। धन्वंतरि को धन के साथ-साथ स्वास्थ्य प्रदान करने वाला देव भी माना जाता है, इसी वजह से कातिक मास के कृष्ण पक्ष को धनतेरस के तौर पर मनाने की परंपरा है। आमतौर पर धनतेरस के दिन लोग किसी न किसी वस्तु की खरीदारी करते हैं।

क्या खरीदें धनतेरस पर

  • धनतेरस के दिन स्टील, चांदी, पीतल, तांबा, कांसे या फूल जिस धातु से भी बने बर्तन की खरीदारी करने में सक्षम हैं उस धातु से निर्मित बर्तन की खरीदारी करें। बर्तन खरीदने की परंपरा इस वजह से है क्योंकि जब समुद्र मंथन के दौरान धन्वंतरि चैदह रत्नों के साथ समुद्र से निकले थे, तो उनके हाथ में कलश था। इसी वजह से इस दिन छोटा सा ही सही कोई न कोई बर्तन अवश्य खरीदें।
  • धनतेरस के दिन चांदी की खरीदारी भी कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि चांदी चन्द्रमा का प्रतीक है, जो कि शीतलता प्रदान करने के साथ-साथ जीवन में सुख-संतोष और बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने वाले हैं।
  • धनतेरस के दिन ही दीपावली के दिन पूजा करने के लिए लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियों की खरीदारी भी कर लें।
  • चूंकि धन्वंतरि चिकित्सा और सेहत के देवता हैं, तो इस दिन अगर आप चिकित्सा के पेशे से जुड़े हैं, तो किसी चिकित्सकीय यंत्र या फिर सेहत से जुड़ी सामग्री की खरीदारी भी कर सकते हैं।
  • पूजा के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़े दीपक, रूई की बत्तियों, देसी घी तिल या सरसों का तेल, चंदन, हल्दी पाउडर, कुमकुम और अक्षत के लिए इस्तेमाल होने वाले चावल और पूजा के लिए इस्तेमाल होने वाली मिठाईयों की खरीदारी भी इसी दिन करें।

क्या ना खरीदें

  • इस दिन आप सोने-चांदी की खरीदारी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप सोने या चांदी के सिक्के को व्यय के लिए खरीद रहे हैं, तो उसे खरीदते समय ध्यान रखें कि सिक्के पर लक्ष्मी गणेश का चित्र न बना हो।
  • पूजा करने के लिए सोने या चांदी से बने लक्ष्मी गणेश की खरीदारी न करें। दीपावली के दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए खासतौर पर मिट्टी से बनी मूर्ति की ही खरीदारी करें। अगर कीमती धातु से बने लक्ष्मी-गणेश का प्रयोग करना चाहते हैं, तो फिर चांदी का सिक्का जिस पर लक्ष्मी-गणेश का चित्र बना हो उसका इस्तेमाल करें।

दीपावली की तैयारी का दिन
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धनतेरस के दिन से ही दीपावली की तैयारी शुरू हो जाती है। इस दिन आप अपने घर और ऑफिस को अच्छी तरह से सजाएं। धन-सेहत और सुख-समृद्धि के लिए अपने घर के फर्श पर अपने मनपसंद रंग से दिशा विशेष में वास्तु सम्मत आकार की रंगोली बनाएं। इसी दिन दीपावली के दिन होने वाली पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की भी खरीदारी कर लें। लेकिन मूर्ति खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी की मूर्ति की सूंड दाहिनी ओर हो।

धनतेरस पर पूजा
धनतेरस की रात को अपने बेडरूम के कोने में मां लक्ष्मी की तस्वीर और यंत्र को लकड़ी के पटरे पर रखें। फिर दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की पूजा करें। धनतेरस के दिन कुबेर की धूप दीप से पूजा न करें, क्योंकि यक्ष की धूप दीप से पूजा नहीं की जाती है। धनतेरस से लेकर भैया दूज तक निरंतर माता लक्ष्मी की आराधना करते रहने से आपके घर में सुख-समृद्धि का आगमन होगा।

उत्तर-पूर्व के वास्तु दोषों करें दूर

  • धनतेरस के दिन शुभ फल प्राप्ति के लिए उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा करके आप बृहस्पति को मजबूत करने के साथ-साथ इस दिशा के सभी वास्तु दोषों को दूर भी कर सकते हैं।
  • अपने घर के सभी कमरों से उत्तर-पूर्व दिशा में रखे फालतू सामान को हटायें।
  • धनतेरस के दिन पीपल के पौधे में पानी दें।
  • वास्तु दोषों को दूर करें।

यह लेख मशहूर ज्योतिष, वास्तु और फेंग्शुई विशेषज्ञ नरेश सिंगल से बातचीत के आधार पर लिखा गया है। वास्तु से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए नरेश सिंगल से संपर्क करें…

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