देहरादून।… उत्तराखंड में सोमवार को राज्य स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। अस्थायी राजधानी देहरादून के पुलिस लाइन में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने परेड की सलामी ली। साथ ही मुख्यमंत्री ने भी राज्य की जनता को संबोधित किया।

इस दौरान राज्यपाल केके पॉल ने कहा कि कठिनाइयां मनुष्य का गहना होती हैं। इसी गहने को पहनकर आज इस राज्य का हर व्यक्ति उत्तराखंड को बुलंदियों पर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय इलाकों में शिक्षा की पहुंच को आसान बनाया जाए। साथ ही उन्होंने शिक्षा पर महिलाओं के प्रथम अधिकार की बात भी कही।
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इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रगान की तरह राज्यगान बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने पलायन, बेरोजगारी और गरीबी रोकने व स्वरोजगार और महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने की भी पहल की।

इस दौरान उन्होंने राज्य की परंपरा और संस्कृति को संजोने का हवाला देते हुए नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों को स्कूली पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से उत्तराखंड के विकास में भागीदारी का आह्वान किया।

शहीद आंदोलनकारियों को नमन
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नैनीताल में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर विभिन्न संगठनों ने शहीद आंदोलनकारियों को नमन किया। संसदीय सचिव सरिता आर्य, पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, पूर्व सांसद महेंद्र पाल सहित डीएम दीपक रावत, सीडीओ ललित मोहन रयाल ने चिड़ियाघर रोड स्थित शहीद पार्क में राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन किया।

इस मौके पर सभी ने राज्य की बेहतरी के लिए मिलजुलकर काम करने का संकल्प लिया। इसके बाद मल्लीताल में मुख्य समारोह शुरू हो गया। यहां सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए हैं।

आंदोलनकारी महिलाओं का शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति
ऋषिकेश में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नगर पालिका की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति देकर सब को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नगरपालिका परिषद व पर्वतीय विकास कल्याण समिति की ओर से हुए विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने किया। पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा कि अपने राज्य को हम सशक्त साक्षर और स्वच्छ बनाएं उसका हम सब को संकल्प लेना होगा।

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कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने उत्तराखंड की संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए। आंदोलनकारी महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति भी सराही गई।