उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को बिहार में महागठबंधन की जीत को ‘धर्मनिरपेक्षता और विकास के प्रहरियों की जीत’ बताते हुए उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में ऐसी ही पहल करने की जरूरत बताई।

देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रावत ने कहा, ‘बिहार में महागठबंधन की जीत धर्मनिर्पेक्षता और विकास के प्रहरियों की जीत है। इस महागठबंधन की पहल सोनिया गांधी जी ने की थी, जिसका परिणाम बिहार में भारी बहुमतों से जीत के रूप में सामने आया है।’

उन्होंने जीत के लिए आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव और जेडीयू नेता नीतिश कुमार को भी बधाई दी और उनसे अनुरोध किया कि उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार का महागठबंधन सोनिया जी को आगे रखते हुए बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनिया जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भी ऐसी पहल करनी होगी, ताकि एक अंधकार मोड़ पर खडा प्रदेश उससे बाहर आ सके।

उन्होंने कहा, ‘मैं यूपी के प्रति भी आशावान हूं कि वहां पर भी ऐसा ही कुछ देखने को मिलेगा। यूपी आगे बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा और उत्तराखंड को भी उसका लाभ मिलेगा।’

फंडिंग पैटर्न पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए रावत ने कहा कि अभी तक आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई सूचना मुख्य सचिव को नहीं मिली है और विस्तृत जानकारी प्राप्त होने पर ही कुछ कहा जा सकेगा। हालांकि उन्होंने कहा, ‘यदि केन्द्र सरकार द्वारा फंडिंग पैटर्न में बदलाव को लेकर कोई निर्णय लिया गया है, तो उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बधाई के पात्र है।’

उन्होंने उम्मीद जतायी कि उत्तराखंड को जिस प्रकार पूर्व में केंद्रीय योजनाओं में सहायता मिलती थी, वैसी ही फंडिंग पैटर्न में हुए बदलाव के बाद भी मिलेगी। रावत ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्यहित में लिए गए निर्णय के लिए वह स्वयं प्रधानमंत्री के पास जाकर राज्य की जनता की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।

उन्होंने बीजेपी सांसदों से भी नकारात्मक राजनीति करने के बजाय, राज्यहित के मुद्दों को केन्द्र में प्रभावी ढंग से उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जो मानक बनाए गए हैं, उनके अनुसार राज्य पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा चिन्हित किए गए नए क्षेत्रों के परिणामस्वरूप लगभग 1000 करोड़ रुपये के राजस्व वृद्घि होगी और इसका असर अगले 10 से 15 साल में दिखने को मिलेगा।