उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार शाम और रात को केदारनाथ में जमकर बर्फबारी हुई। केदारनाथ में शुक्रवार सुबह तक लगभग छह इंच बर्फ जम चुकी थी।

बर्फबारी के कारण केदारनाथ में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसके साथ ही केदारपुरी की चोटियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर बर्फबारी के बाद भी पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं।

मजदूर भीषण ठंड में भी निर्माण कार्य करने में जुटे हुए हैं। दरअसल, गुरुवार शाम लगभग छह बजे केदारनाथ में बर्फबारी शुरू हो गई थी। इसके बाद रात में भी बर्फबारी जारी रही, जिस कारण केदारपुरी का मौसम काफी ठंडा हो गया।

केदारनाथ यात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्री बर्फ का लुत्फ भी ले रहे हैं। केदारनाथ के चारों ओर की पहाड़िया बर्फ से सफेद हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर बर्फबारी के बाद भी निम के पुनर्निर्माण कार्य जारी है।

निम के आमोद पंवार ने बताया कि केदारनाथ में लभग छह इंच तक बर्फ पड़ चुकी है। जिस कारण केदारपुरी का मौसम काफी ठंडा हो गया है। उन्होंने बताया कि भीषण ठंड एवं बर्फबारी के बावजूद पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं।

मजदूरों द्वारा घाटों का निर्माण कार्य, तीर्थ पुरोहितों के घर एवं मंदिर के पीछे प्रोक्टेशन वॉल का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

गुरुवार को राज्य के अधिकांश इलाकों में सुबह बारिश हुई और ऊंची चोटियों पर हिमपात भी हुआ। बद्रीनाथ और केदारनाथ में तेज बर्फबारी हुई।

कुमाऊं में पांच मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। उधर, गढ़वाल के कुछ क्षेत्रों में तड़के बारिश होने से तापमान में गिरावट आने से ठंड ज्यादा महसूस की गई। ठंडे के चलते लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।

कुमाऊं में तापमान में कुछ ज्यादा ही गिरावट देखने को मिली। पिथौरागढ़ नगर में गुरुवार सुबह हुई हल्की बारिश से अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री और न्यूनतम में 4.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

वहां का अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री रहा। इधर तराई भाबर में अधिकतम तापमान 26.4 और न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, धारचूला के गुंजी, कालापानी, कुटी और नाभीढांग में भी हिमपात हुआ। मुनस्यारी तहसील में पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा और छिपलाकेदार की पहाड़ियों पर भी बर्फ गिरी है।

पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. एचएस कुशवाहा के मुताबिक इस सीजन का यह दूसरा पश्चिमी विक्षोभ है। उनके मुताबिक शुक्रवार से अगले चार-पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा। पिथौरागढ़ के अलावा चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, रुद्रपुर और पंतनगर आदि इलाकों में भी बारिश हुई है।

केदारनाथ में 328 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। इस दौरान शाम चार बजे तक सोनप्रयाग से 162 यात्री पैदल रास्ते से धाम को रवाना हुए। जबकि बुधवार रात को धाम में ठहरे यात्रियों में दर्शन कर 184 वापस सोनप्रयाग लौटकर अपने-अपने घरों को चले गए हैं। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के दर्शनों को भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

गुरुवार को तड़के बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब के साथ ही जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आंशिक बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे मौसम में ठंडक आ गई है। बद्रीनाथ धाम में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जला रहे हैं।

दोपहर बाद बादल छंटने के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। जिले के निचले क्षेत्रों में भी ठंड में इजाफा हो गया है। वहीं, ठंड बढ़ने के बावजूद बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को धाम में 532 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका।