बाबा रामदेव -फाइल फोटो

क्या आपको मालूम है कि योगगुरु बाबा रामदेव को भी नोबेल पुरस्कार मिलने वाला था। कम से कम बाबा रामदेव का मानना तो यही है कि उन्हें अब तक यह पुरस्कार मिल जाना चाहिए था। यही नहीं बाबा रामदेव का तो यहां तक दावा है कि उनके रंग के कारण उन्हें नोबेल पुरस्कार से वंचित रखा गया।

योगगुरू बाबा रामदेव ने नोबेल पुरस्कार कमेटी पर आरोप लगाया है कि उसने बाबा को नोबेल इसलिए नहीं दिया क्योंकि उनका रंग काला है। अगर बाबा के आरोप को दरकिनार कर दिया जाए तो ऐसा लगता है कि शायद बाबा ने उन विजेताओं के बारे नहीं सुना, जिन्हें काले होने के बावजूद यह पुरस्कार दिया गया है।

एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बाबा रामदेव ने कहा उन्हें ये पुरस्कार अब तक मिल जाता, लेकिन काले होने के कारण नहीं मिल सका। बाबा रामदेव ने कहा, ‘अगर मैं फेयर स्किन का व्यक्ति होता तो अब तक मुझे योग के लिए किए मेरे योगदान पर नोबेल मिल चुका होता, लेकिन मुझे नोबेल देने से मना कर दिया क्योंकि मैं काला हूं।’

नोबेल पुरस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव का मजाक भी खूब उड़ाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता संजय झा ने तो उन लोगों की पूरी लिस्ट ही ट्वीट कर दी जिन्हें काला होने का बावजूद नोबेल पुरस्कार मिला।