त्योहारों के नजदीक आते ही बाजार में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति भी बढ़ गई है। लेकिन ये मिलावटी मिठाइयां आपको मामूली रूप से बीमार करने के अलावा कई खतरनाक ‌बीमारियों का शिकार भी बनी सकती हैं।

त्योहारों के मौसम में बड़े स्तर पर नकली और मिलावटी दूध उत्पादों की बिक्री हो रही है। सबसे ज्यादा आपूर्ति नकली और मिलावटी मावे की हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार, नकली और मिलावटी मावे से बनी मिठाइयां कैंसर, नपुंसकता सहित तमाम तरह की बीमारियां पैदा कर सकती हैं।

त्योहारों के मौसम में पूरे देश के साथ उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून और हरिद्वार के अलावा कोटद्वार के रास्ते गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी धड़ल्ले से सप्लाई हो रही है। डॉक्टर मिठाई के बदले पेठे (कद्दू की मिठाई) का उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं। उनके अनुसार मावे से बनी मिठाइयों के बजाय पेठा ज्यादा सुरक्षित है।

दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. एसडी जोशी के अनुसार, नकली और मिलावटी मिठाइयां कैंसर, शारीरिक कमजोरी और नपुंसकता तक का खतरा पैदा कर सकती हैं। इसलिए नकली और मिलावटी मिठाइयों से बचना ही बेहतर है।

खाने के साथ ही शरीर में इनके दुष्परिणाम दिखने लगते हैं। शुरुआत में उल्टी-दस्त होती हैं। ज्यादा मात्रा में खाने पर पेट में सूजन और आंतों में इंफेक्शन व लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत होती है।

नियमित तौर पर ऐसी मिठाई खाने से आंतों में घाव (अल्सर), आंतों का कैंसर, पैंक्रियाज और पीलिया की शिकायत होती है। इसके अलावा याददाश्त कमजोर होना (डिमेंशिया) और चिड़चिड़ापन का खतरा भी रहता है।