उत्तराखंड की संस्कृति में जागर और जात्रा के माध्यम से देवताओं का आह्वान करने वाले डंगरियों व जगरियों को अब राज्य सरकार हर महीने पेंशन देगी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणा पर अमल करते हुए जिला समाज कल्याण विभाग ने खंड विकास अधिकारी को ब्लॉक स्तर पर डंगरियों व जगरियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत उन्हें प्रति माह एक हजार रुपये दिए जाएंगे।

देव भूमि उत्तराखंड में शुभ कार्यों और दुख-तकलीफ दोनों मौकों पर घर में स्थापित ईष्ट देवता का आह्वान करने की प्राचीन परंपरा रही है। शुभ कार्यों के बाद ईष्ट देव को बधाई देने के लिए जागर-जात्रा लगाई जाती है तो दुख तकलीफ में कष्टों का निवारण कराने के लिए भी उनका आह्वान किया जाता है।

उत्तराखंड के हर घर, परिवार में ईष्ट देव स्थापित हैं। लेकिन जागर-जात्रा लगाने वाले और जागर में जगरिए द्वारा देवता के रूप में नचाए जाने वाले डंगरिये अलग होते हैं। जात्रा-जागर में ढोल या हुड़के की थाप पर संबंधित देवता को लेकर लोक कथाओं का बखान होता है। जिसे सुनने के बाद डंगरिये नाचते हुए जागर स्थली में आते हैं।

उत्तराखंड की लुप्त हो रही इस संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए अब तक उपेक्षित रहे जगरियों और डंगरियों को प्रोत्साहित करने का बीड़ा उत्तराखंड सरकार ने उठाया है।

पिछले माह कुमाऊं दौरे के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अपर सचिव समाज कल्याण विभाग ने सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को जगरियों और डंगरियों को चिह्नित करने संबंधी पत्र भेजा है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 17 अक्टूबर 2015 को सभी विकासखंड अधिकारियों जगरियों, डंगरियों को चिह्नित कर सूचीबद्ध करते हुए इस पर आने वाले व्यय का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं।

जगरियों और डंगरियों को एक हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 10 दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को लिखा है। खंड विकास अधिकारियों ने जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य और ग्राम प्रधानों से अपने क्षेत्र के जगरियों, डंगरियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है।

पहाड़ों में डंगरियों और जगरियों का चिन्हीकरण करना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इनके पहचान के लिए न ही सरकार ने कोई मानक तय किए हैं और न इनके पास कोई प्रमाण होता है। प्रधान और जिला पंचायत सदस्यों के द्वारा प्रमाणित किए गए डंगरियों और जगरियों को ही सरकार पेंशन के लिए पात्र मानेगी।