हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यार्ड में खड़ी एक बोगी में बुधवार को अचानक आग लग गई। यहां बड़ा हादसा टल गया क्योंकि यह बोगी हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन की बोगी थी और प्लेटफॉर्म से कुछ ही दूरी पर थी। ट्रेन नौ नंबर प्लेटफॉर्म से सटे यार्ड लेन नंबर 15 पर खड़ी थी। इस ट्रेन में 20 कोच लगे थे। बुधवार शाम करीब सवा पांच बजे ट्रेन को धुलाई के लिए वाशिंग लाइन ले जाया जाना था। ट्रेन गुरुवार सुबह सवा आठ बजे दिल्ली जाना था।

बोगी से धुंआ उठता देख स्टेशन पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने दो गाड़ियों की मदद से बमुश्किल आग पर काबू पाया। गनीमत ये रही की जिस समय आग लगी तब ट्रेन खड़ी थी और उस समय उसमें यात्री भी सवार नहीं थे।

अगर ऋषिकेश पैसेंजर में यह अग्निकांड कुछ देर बाद हुआ होता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन गनीमत रही कि जिस समय ट्रेन की बोगी में आग लगी वो यार्ड के बाहर खड़ी हुई था। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह ने बताया की बोगी में लगी आग पर समय रहते दमकल विभाग के कर्मियों ने काबू पा लिया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने बताया की ऋषिकेश पैसेंजर आजकल हरिद्वार से चल रही है बुधवार को यार्ड के बाहर खड़ी ट्रेन की बोगी में आग लगी, जिसकी सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों ने काबू पा लिया। किसी प्रकार के जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। रेलवे अपने स्तर से मामले की जांच की बात कर रहा है लेकिन बड़ा सवाल ये है की ए-क्लास का रेलवे स्टेशन होने के बावजूद यहा पर आग बुझाने के संसाधन मौजूद नहीं हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर यदि कोई अग्निकांड होता है तो सब लोग दमकल विभाग के आने का इंतजार करने के अलावा और कुछ नहीं कर सकते।