बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का कहना है कि 2017 में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाएगी। बीजेपी इस बाबत विधान सभा में दो प्रस्ताव भी ला चुकी है।

गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) में पत्रकार वार्ता में तीरथ रावत ने कहा कि बीजेपी सदन में 310 के तहत गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का प्रस्ताव लाई, लेकिन सरकार प्रस्ताव पर चर्चा करने के बजाय सदन में गुंडे लाई। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार देखा गया कि किसी विधानसभा में गुंडे पहुंचे।

सरकार कह रही है कि यह मार्शल थे, लेकिन मार्शल की अपनी ड्रेस होती है। रावत ने कहा सरकार गैरसैंण के नाम पर जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह स्थायी राजधानी के नाम पर गैरसैंण का खुलकर विरोध कर रहे थे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। जब गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा गया तो उन्होंने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

निम अच्छा काम कर रहा है
तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की भी जमकर तारीफ की। साथ ही केदारघाटी की अनदेखी और गैरसैंण सत्र के स्थगित करने पर राज्य सरकार पर निशाना भी साधा।

केदारनाथ से लौटकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निम केदारनाथ में अच्छा काम कर रही है। सुरक्षा दीवार, स्नान घाट के निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग सराहनीय है। केंद्र केदारनाथ सहित राज्य के लिए पर्याप्त धन दे रहा है। बावजूद इसके राज्य सरकार धन न मिलने का रोना रो रही है।

आपदा के ढाई साल बाद भी केदारघाटी में एक भी झूला पुल का पुनर्निर्माण नहीं होना सरकार की विफलता को दर्शाता है।