उत्तराखंड बीजेपी के नेताओं ने राज्यपाल कृष्णकांत पॉल से मुलाकात कर राज्य की हरीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल से मिले पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान हुई घटना का ब्योरा देते हुए कहा कि सदन के भीतर बाहरी लोग घुसे थे, जो कि असंवैधानिक है।

प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत व नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में पार्टी विधायकों व नेताओं ने शाम को साढ़े पांच बजे राज्यपाल से मुलाकात की और हरीश रावत सरकार को बर्खास्त करने का ज्ञापन भी सौंपा।

विधायक मदन कौशिक, हरबंश कपूर, पुष्कर सिंह धामी, प्रेमचंद अग्रवाल, विजय बड़थ्वाल, चंद्रशेखर भट्टेवाले, गणेश जोशी, संजय गुप्ता, स्वामी यतीश्वरानंद, प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत, प्रदेश मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल, ऊर्बादत्त भट्ट, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सौरभ थपलियाल सहित तमाम नेता व विधायक मौजूद थे।

ये थे ज्ञापन के मुख्य बिन्दु

  • सरकार ने कूटरचित तरीके से सदन को स्थगित किया, ताकि जनहित के मुद्दों पर जवाब देने से बचा जा सके।
  • कांग्रेस ने बीजेपी विधायकों पर दबाव बनाने के लिए पूरे राज्य से पार्टी कार्यकर्ताओं को गैरसैंण में इकट्ठा किया।
  • तीन नवम्बर को सत्र के भोजनावकाश के बाद बीजेपी सदस्यों ने संसदीय परंपरा के तहत अपनी बात रखी, तो दर्शक दीर्घा में पूर्व नियोजित रूप से बैठाए गए कांग्रेसियों को अंदर आने का इशारा किया गया और सादी वर्दी में पुलिस वाले भी अंदर बुलाए गए।
  • इस घटनाक्रम से बीजेपी विधायकों में दहशत का माहौल बन गया और वे जैसे-तैसे कर सदन से बाहर निकल पाए।
  • विधानसभा स्थल से बाहर धरने पर बैठे तो लगभग चार सौ कांग्रेसियों ने मारपीट की नीयत से सभी को घेर लिया और पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
  • कानून व्यवस्था और लोकतंत्र राज्य में खत्म हो चुका है, अराजकता का माहौल है, सदन के भीतर कांग्रेसियों का घुसकर हंगामा करना ताजा उदाहरण है।