हरिद्वार।… दूध की कमी से निपटने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अब ऐसी तकनीकी का सहारा लिया जा रहा है, जिससे गाय सिर्फ उन्नत किस्म की बछिया को ही जन्म देंगी, बैल को नहीं। उत्तराखंड लाइफ स्टाक डेवलपमेंट बोर्ड देहरादून से पशुपालन विभाग ने गायों के प्रजनन के लिए खास सीमेन के डोज मंगाए हैं।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पशुपालन विभाग हरिद्वार को बोर्ड से इस खास सीमेन के फिलहाल 175 डोज ही मिले हैं, जिसमें से पचास फीसदी डोज का उपयोग कर भी लिया गया है। विभाग का मानना है कि बछिया ही पैदा करने की आधुनिक तकनीकी के परिणाम दूरगामी होंगे और इससे नए लोगों को पशुपालन से जोड़ने में मदद मिलेगी।

पशुपालकों को इस तकनीकी के प्रति आकर्षित करने के लिए विभाग खास तकनीकी से तैयार सीमेन पर पचास फीसदी का अनुदान भी दे रहा है। नई तकनीकी से फ्रीजियन, सिंधी व साहीवाल नस्ल को बढ़ावा देने के लिए उनके सीमेन मंगाए गए हैं। इन नस्लों की गायें देशी नस्लों की अपेक्षा ज्यादा दूध देती हैं।