गैरसैंण।… स्टिंग सीडी मामले की सीबीआई जांच और गैरसैंण पर स्थिति स्पष्ट करने को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के लगातार जोरदार हंगामे के बाद सोमवार से शुरू हुआ उत्तराखंड विधानसभा का सत्र तय समय से पूर्व मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

हंगामे और शोर शराबे के बीच बीजेपी विधायकों और मार्शलों में धक्का-मुक्की भी हुई। मामले को संभालने के लिए सदन में पुलिस भी पहुंची लेकिन इस दौरान सरकार ने 4788.64 करोड रुपये का अनुपूरक बजट पारित करवाने के अलावा महानियंत्रक और महालेखापरीक्षा की सालाना रिपोर्ट भी रख दी तथा सरकारी नौकरियों में राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने सहित करीब डेढ़ दर्जन विधेयक भी पारित करवा लिए।

पहले सरकार की योजना छह नवंबर तक सदन चलाने की थी, लेकिन हंगामे के चलते बार-बार कार्यवाही बाधित होने के कारण केवल दो दिन में ही जरूरी कामकाज निपटा कर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

मंगलवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने गैरसैंण पर सरकार से रुख स्पष्ट करने की मांग करते हुए इस मुद्दे पर नियम 310 के तहत तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की। उनके समर्थन में अन्य बीजेपी विधायक भी अपने स्थानों पर खड़े हो गए और अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से चर्चा को मंजूरी देने की मांग करने लगे।

हालांकि, बीजेपी की इस मांग का संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने विरोध किया, जिससे उत्तेजित विपक्षी विधायक हंगामा करने लगे। अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष तथा अन्य बीजेपी विद्यायकों को इस मुद्दे पर नियम 58 के तहत चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया, लेकिन बीजेपी विधायक नियम 310 के तहत तत्काल चर्चा की अपनी मांग पर अड़े रहे।