मुख्यमंत्री ने सीडी मामले को लेकर हंगामे को बताया बीजेपी की गैर-जिम्मेदाराना हरकत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को सीडी प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्य विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए मुख्य विपक्षी बीजेपी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वह एक जिम्मेदार विपक्ष की तरह व्यवहार नहीं कर रही है।

गैरसैंण में राज्य विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री रावत ने संवाददाताओं से कहा, ‘एक विपक्षी पार्टी होने के नाते सदन की कार्यवाही को इस प्रकार बाधित करने का बीजेपी का यह व्यवहार बेहद गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने (बीजेपी) ने यह बात खुले तौर पर स्वीकार कर ली है कि इस स्टिंग सीडी प्रकरण के पीछे वही है। मैंने उनसे बार-बार मूल सीडी पेश कराने को कहा है ताकि उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सके।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सीबीआई को तो छोड़ दीजिये, इस मामले में कोई भी जांच तब तक नहीं हो सकती, जब तक कि इस संबंध में कोई प्राथमिकी दर्ज न हो। लेकिन प्राथमिकी भी तभी दर्ज कराई जा सकती है जब सीडी की फोरेंसिक जांच के बाद कुछ गलत पाया जाए।’ उन्होंने कहा कि लेकिन फोरेंसिक जांच भी तभी हो सकती है जब बीजेपी मूल सीडी और उसे बनाने में इस्तेमाल हुए उपकरण उपलब्ध कराए।

रावत ने कहा कि स्टिंग सीडी प्रकरण की जांच के लिए राज्य सरकार के सामने सभी विकल्प खुले हुए हैं, लेकिन उसके लिए मूल सीडी की जरूरत है और वह बीजेपी ही उपलब्ध करा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘हम किसी भी प्रकार की जांच से नहीं भाग रहे हैं। हमारे सामने सभी विकल्प खुले हुए हैं लेकिन मूल सीडी कहां है। मुझे समझ में नहीं आता कि बीजेपी उसे छिपा क्यों रही है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में हो रहे राज्य विधानसभा सत्र की कार्यवाही को बाधित करना पर्वतीय राज्य की जनता की आकांक्षाओं के प्रति असम्मानपूर्ण रवैये को ही दर्शाता है।