गैरसैंण विधानसभा सत्र की हंगामेदार शुरुआत, बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही

मुख्यमंत्री के तत्कालीन सचिव के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले सीडी प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने तथा उस पर तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर मुख्य विपक्षी बीजेपी के हंगामें के साथ सोमवार को गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा के सत्र की शुरुआत हुई। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

वंदे मातरम के गायन के साथ जैसे ही सुबह 11 बजे सत्र की शुरुआत हुई, सदन में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने राज्य सरकार में तीन महीने पहले एक महत्वपूर्ण पद पर आसीन अधिकारी के भष्ट्राचार से जुड़े सीडी प्रकरण की सीबीआई जांच कराने और उस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग उठाई।

भट्ट ने भ्रष्टाचार के इस कथित मामले को बहुत गंभीर बताते हुए सदन के सभी कार्यों को निलंबित कर सीडी प्रकरण पर तत्काल चर्चा करने की मांग उठाई। भट्ट के समर्थन में बीजेपी के अन्य विधायक भी खड़े हो गए और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से चर्चा को मंजूर करने पर दबाव देने लगे।

इसी दौरान कुछ बीजेपी विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने भी आ गए। अध्यक्ष ने हालांकि, विपक्षी विधायकों से अपने स्थानों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन जब काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही तो उन्होंने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 45 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही के दोबारा शुरू होते ही हंगामा फिर शुरू हो गया, जिसके बाद अध्यक्ष कुंजवाल ने फिर कार्यवाही 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।

गौरतलब है कि जुलाई के आखिर में सामने आई एक सीडी में मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व सचिव और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मोहम्मद शाहिद को निजी शराब व्यवसायियों के साथ कथित सौदेबाजी करते दिखाया गया था, जिससे पूरे राज्य की सियायत में तूफान आ गया था।

सीडी के सामने आने के बाद हांलांकि, राज्य सरकार ने मोहम्मद शाहिद को पद से हटा दिया गया था, जबकि केंद्र सरकार ने राज्य में उनकी प्रतिनियुक्ति काल को तुरंत प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें दिल्ली बुला लिया था। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को श्रंद्वाजलि देते हुए सदन में दो मिनठ का मौन रखा गया।

बारह बजकर बीस मिनट पर जैसे ही कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। बीजेपी विधायक फिर अपने स्थानों पर खड़े हो गए और सीडी प्रकरण की सीबीआई जांच तथा नियम 310 के तहत तत्काल चर्चा की अपनी मांग पर जोर देने लगे। अपनी मांग पर ध्यान न दिए जाने से असंतुष्ट विधायक बाद में अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में शोर-शराबे की स्थिति पैदा हो गई। हंगामे के बीच ही अध्यक्ष कुंजवाल ने सदन की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए।

इस दौरान सरकार की तरफ से उत्तराखंड विधानसभा सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन संशोधन विधेयक, उत्तराखंड राज्य आंदोलन के चिन्हित आंदोलनकारी तथा उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण विधेयक सहित कई अन्य विधेयक सदन में रखे गए।

विधेयक रखने की कार्यवाही पूरी होने के बाद सदन को भोजनाकाश के लिए शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।