प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले बी ‘मेक इन इंडिया’ का नारा दिया हो, लेकिन फिर भी चीन उनके इस सपने सें सेंध लगा ही रहा है। भारत में सबसे बड़े त्योहार दीपावली पर पीएम मोदी के स्वदेशी सामान अपनाने की अपील का कुछ खास असर देखने को नहीं मिल रहा।

पीएम के संदेश के बाद उत्तराखंड सहित पूरे देश में बहुत से लोगों ने स्वदेशी सामान खरीदने का मन तो बना लिया है, लेकिन देश के अन्य बाजारों की तरह देहरादून, हल्द्वानी, कोटद्वार, अल्मोड़ा, हरिद्वार के बाजारों में चाइनीज सामान की चकाचौंध बनी हुई है।

चाइनीज सामान की इतनी आमद के पीछे एक बड़ी वजह चाइनीज सामान का देसी सामान की तुलना में सस्ता होना है। वहीं, चाइनीज सामान को टक्कर देने के लिए इस बार निर्माताओं ने उनकी नकल भी की है।

पिछले कई सालों से दिवाली के मौके पर पटाखे, फुलझड़ियां और बंदूकें बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि वे दिल्ली और अलीगढ़ से माल लाते हैं। इस बार चाइनीज बंदूकों की नकल की गई है। देसी माल ज्यादा मिल रहा है। लेकिन चाइनीज बंदूकें ज्यादा आकर्षक दिखती हैं, इसलिए बच्चे इन्हीं की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।

स्वदेशी सामान पड़ता है महंगा
देहरादून में न्यू बंसल इलेक्ट्रिकल्स के राजेंद्र बंसल बताते हैं कि लोग स्वदेशी लड़ियां खरीदना चाहते हैं और खरीदते भी हैं, लेकिन यह महंगी हैं। ऐसे में हर तबके के लोग इसे नहीं खरीद पाते। चाइनीज लड़ियां 20 रुपये से शुरू होकर हर रेंज में हैं, वहीं स्वदेशी लड़ियों की शुरुआती कीमत ही 200 रुपये है।

हल्द्वानी में चाइनीज पटाखों की बिक्री नहीं
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इस दीवाली नैनीताल जिले के हल्द्वानी में चाइनीज पटाखों की बिक्री नहीं होगी। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड की गाइड लाइन के तहत यह निर्णय लिया गया है।

हल्द्वानी-काठगादोम में सज रहे पटाखा बाजारों का निरीक्षण करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने सभी फुटकर और थोक पटाखा व्यवसायियों को चाइनजी पटाखे न बेचने के निर्देश जारी किए हैं।

सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम और पुलिस को चाइनीज पटाखा बिक्री के लाइसेंस न देने के निर्देश जारी किए हैं। उधर वाणिज्यकर अधिकारियों को भी चाइनीज पटाखों की आने वाली खेप पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

दुकानदारों से भी ईको फ्रेंडली पटाखे बेचने की अपील की गई है। चोरी छिपे चाइनीज पटाखा बेचने वाले दुकानदारों पर औचक निरीक्षण करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने टीमों का गठन भी किया है।