सीएम हरीश रावत ने गैरसैंण को बताया अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का केंद्र

उत्तराखंड में सत्तारुढ कांग्रेस द्वारा गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के मुद्दे को फिलहाल टालने का निर्णय करने के एक दिन बाद सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गैरसैंण उनकी सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्रबिंदु में है और जल्दी ही यहां से मुख्यमंत्री कैंप आफिस शुरू कर दिया जाएगा।

चमोली जिले के गैरसैंण में सोमवार से शुरू हुए राज्य विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री रावत ने संवाददाताओं से एक अनौपचारिक बातचीत में कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं के केन्द्र बिन्दु में गैरसैंण गांव और गंगा है और गैरसैंण भावना के अनुरूप ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए काम किया जा रहा है।

रावत ने कहा, ‘हम निश्चित रोड़मैप के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के रिवाईवल, महिला विकास और सामाजिक कल्याण के लिए काम कर रहे है। हम पहले ही कह चुके है कि हमारी नीतियां हिमालयोन्मुखी होंगी। गैरसैंण के लिए हम अपने संसाधनों के अनुसार कार्ययोजना के साथ सही दिशा में काम कर रहे है।’

उन्होंने कहा कि जल्द ही गैरसैंण से मुख्यमंत्री कैम्प ऑफिस शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत सी ऐतिहासिक पहल की गई हैं, जिनमें से कुछ के सकारात्मक परिणाम भी मिलने लग गए है।

गौरतलब है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को गैरसैंण में प्रदेश कांग्रेस की बैठक में उसे राज्य की स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे को फिलहाल टालने का निर्णय लिया गया था। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सही वक्त आने पर गैरसैंण के विषय पर सभी राजनीतिक दलों से मिलकर आम राय बना कर कोई निर्णय किया जाएगा।

गढ़वाल और कुमाऊं के बीचोंबीच स्थित गैरसैंण उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों खासतौर से पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलन की अगुवाई करने वाले उत्तराखंड क्रांति दल के लिए एक भावनात्मक मुद्दा रहा है, जो पर्वतीय राज्य की राजधानी पहाड़ में ही बनाए जाने के प्रबल पक्षधर हैं। हालांकि, बीजेपी और कांग्रेस दोनों बड़े राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने से बचते रहे हैं।