उत्तराखंड की स्थायी राजधानी को लेकर इन दिनों हरीश रावत सरकार और मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के बीच खींचतान जोरों पर है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) भी अक्सर गैरसैंण को लेकर आंदोलन की भूमिका में आ जाता है।

बीजेपी ने दो दिन पहले ही राज्य सरकार पर नौटंकी करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि गैरसैंण को राजधानी बनाना चाहते हैं तो यह घोषणा करें हम साथ देंगे, लेकिन नौटंकी बंद करें। सरकार की ओर से अब बीजेपी के इस हमले का जवाब सीधे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिया है।

कुल मिलाकर राज्य की दोनों बड़ी पार्टियां गैरसैंण को राजधानी बनाने के पक्ष में दिख रही हैं और यूकेडी तो उत्तराखंड आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को राजधानी मान चुकी है। अब देखना ये है कि क्या सच में ये पार्टियां पहाड़ी जनमानस के दिल की बात मानती हैं या फिर ये बयानबाजी ही असली नौटंकी है।

चमोली जिले में राज्य की प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में कांग्रेस का प्रान्तीय सम्मेलन आठ प्रस्तावों के साथ संपन्न हो गया है। पार्टी के इस सम्मेलन में जहां राज्यभर से लगभग तीन सौ कार्यकर्ता गैरसैंण पहुंचे थे। वहीं राज्य सरकार के कई जिम्मेदार पदाधिकारी भी इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए गैरसैंण में पहुंचे थे।

पार्टी के प्रान्तीय अधिवेशन में पहुचें मुख्यमंत्री हरीश रावत का पार्टी संगठन ने तलवार व पगड़ी के साथ स्वागत किया। इस दौरान सीएम हरीश रावत ने कहा कि स्थाई राजधानी को लेकर कांग्रेस गंभीर है।

उन्होंने गेंद विपक्षी पार्टी बीजेपी के पाले में डालते हुए कहा, अगर राज्य बीजेपी नेता अपनी केन्द्र सरकार से राज्य के विकास के लिए बजट आवंटित करवा दें तो सरकार कल ही गैरसैंण को राजधानी बनाने की घोषणा कर देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, अब ये तय सरकार पर नौटंकी करने का आरोप लगाने वाली बीजेपी को करना है।