शनिवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवाओं में दस प्रतिशत आरक्षण को हरी झंडी देने का फैसला किया गया है। सरकार यह विधेयक गैरसैंण में दो नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में लेकर आएगी। इस विधेयक पर राज्य आंदोलनकारियों की निगाह है और लंबे समय से इसकी मांग की जा रही है।

कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी में ग्रीन सिटी के लिए चाय बगानों की 672 हेक्टेयर भूमि की खरीद पर भी मुहर लगाई और यह भी तय किया गया कि शहरी क्षेत्र के विकास के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा। सचिवालय में दोपहर बाद हुई मंत्रिमंडल की बैठक ने आखिरकार राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के विधेयक को मंजूरी दे दी। यह विधेयक सरकार गैरसैंण सत्र में रखेगी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व में राज्य आंदोलनकारियों से संबंधित इस विधेयक को सदन के पटल पर रखने का इरादा जाहिर किया था। उस समय भी राज्य आंदोलनकारियों को मायूसी ही हाथ लगी। इसके बाद सरकार ने इस गैरसैंण सत्र में इस विधेयक को लाने का आश्वासन दिया था।