देहरादून।… केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने सूक्ष्म, लधु और मध्यम उघोगों (एमएसएमई) के लिए उत्तराखंड में व्यापक संभावनाओं का जिक्र करते हुए राज्य के उद्यमियों से क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाने को कहा।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उघोग मंत्री कलराज मिश्र ने अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता संभाली है तब से एमएसएमई क्षेत्र के विकास पर काफी जोर दिया जा रहा है। पंजीकरण ऑनलाइन करने से यह प्रक्रिया काफी आसान हो गयी है।

उन्होंने कहा, अब उघमियों को अपनी औघोगिक इकाइयों का पंजीकरण कराने के लिए सरकारी दफतरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इसलिए अब उन्हें आगे आकर उपलब्ध मौकों का ज्यादा फायदा उठाना चाहिए।

इस संबंध में उन्होंने कहा कि पहले प्रक्रिया जटिल थी और तीन महीने की तय समयसीमा के भीतर आंशिक रूप से बैंक ऋण न चुका पाने वाले नए उघमियों को नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) के रूप में घोषित कर दिए जाने का ज्यादा जोखिम था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुफ्त में ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया का सरलीकरण किए जाने के अलावा इन इकाइयों को एनपीए टैग से बचाने के लिए कुछ नए सुरक्षा उपाय भी किए गए हैं।

कलराज मिश्र ने बताया कि इन उपायों को लागू करने के फलस्वरूप, एक महीने की छोटी सी अवधि के भीतर ही अब तक इस क्षेत्र में 18,000 रजिस्टेशन हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि एक सुधारात्मक कार्ययोजना के तहत रुग्ण इकाइयों की बहाली तथा खराब प्रदर्शन कर रही इकाइयों के पुनरोद्धार के लिए भी नियमों को शिथिल किया गया है। मिश्र ने कहा कि इस क्षेत्र में उघमियों के लिए गारंटी मुक्त बैंक ऋण के प्रभावी क्रियान्वयन के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर शहर के घंटाघर चौक से एक ‘रन फार यूनिटी’ दौड़ को झंड़ी दिखाकर रवाना किया और उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर दिए अपने संबोधन में मिश्र ने करीब 600 रजवाडों के देश के विलय में किए गए पटेल के योगदान को याद किया।