सांकेतिक तस्वीर

हरिद्वार में अपनी ही बेटी पर एक हैवान पिता की नीयत खराब हो गई। वह दो महीने से अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप कर रहा था। सौतेली मां की शिकायत पर पुलिस ने हैवान पिता को उसके घर से ही दबोच लिया।

पत्नी ने ही पति के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया है। घटना हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र की है। शुक्रवार को कोतवाली ज्वालापुर पहुंची मां-बेटी ने रिश्ते तार-तार कर देने वाली दास्तां पुलिस को बताई।

अरोपी रामवीर की दूसरी बेटी भी परिवार से अलग ही रहती है। बताया जाता है कि बड़ी बेटी के संग भी पिता ने गलत हरकत करनी चाही थी, तभी वह अलग हो गई। बड़ी बेटी कहीं छोटी-मोटी नौकरी कर जीवन यापन कर रही है।

शुक्रवार देर रात पिता ने जब अपनी 17 साल की नाबालिग बेटी से जबरदस्ती करनी शुरू की तो सौतेली मां ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने आरोपी पिता को मौके पर ही दबोच लिया। सौतेली मां ने पुलिस को बताया कि आरोपी दो माह से बेटी को हवस का शिकार बना रहा था और किसी को बताने पर उसे डराता धमकाता था।

जब बेटी गुमसुम रहने लगी तब उसने दबाव देकर कारण पूछा। बेटी ने पिता की घिनौनी करतूत बताई। पत्नी ने बताया कि उसने भी जब पति को इस हरकत पर धिक्कारा, तब उसके साथ भी मारपीट की गई। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी रामवीर निवासी गांव छजलेट मुरादाबाद यूपी यहां कई साल से किराए पर रह रहा है।

पहली पत्नी की मौत के बाद करीब दस साल पहले उसने दूसरी शादी कर ली थी। पेशे से ड्राइवर आरोपी की पहली पत्नी से तीन बेटियां हैं और दूसरी पत्नी से एक बेटा है। आरोपी के खिलाफ पत्नी की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

‘साहब इसे मत छोड़ना। यह बहुत बुरा आदमी है। अपनी बेटी की ही इसने इज्जत लूट ली। यह पिता नहीं जानवर है।’ बोलते बोलते 17 साल की बेटी दहाड़ मार-मार कर रो उठी। सौतेली मां उसे संभालने की कोशिश करती, लेकिन बेटी का गुस्सा कम नहीं हुआ।

वह बार-बार एक ही बात बोलती रही कि पुलिस अंकल इसे छोड़ना मत। यह हमें मार देगा। चुपचाप सब कुछ सह रही बेटी ये भी बोली कि ऐसे पिता से सौतेली मां ही अच्छी है। यह बोलकर बार-बार वह सौतेली मां की छाती से चिपक जाती, फिर जैसे-तैसे पुलिस ने मां बेटी को दूसरे कमरे में बैठाया।

पुलिसवाले भी यही बोलते दिखे कि यदि सौतेली मां बेटी के साथ न खड़ी होती तो उसकी जिंदगी नर्क बन जाती। मासूम ने 9वीं तक पढ़ाई की है। मुरादाबाद में ही वह अपनी बुआ के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी और फिर छोड़कर चली आई। यहां वह पूरे दिन घर में ही रहती थी।