देश के पहले गृहमंत्री ‘लौहपुरुष’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के राजपथ पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने आए लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह नई दिल्ली में संसद मार्ग पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और सरदार की जयंती उन्हें याद किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक किया। उन्होंने देश को एक सूत्र में जोड़ने से लेकर स्वच्छता तक कई अभियान चलाए। पीएम मोदी ने कहा कि पटेल का जीवन हममें राष्ट्रभक्ति का जोश भरता है। सरदार पटेल ने बहुत कम समय में देश को एक किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पटेल ने एकता, सद्भाव और शांति के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

आज भारत को इसी मंत्र को लेकर आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ योजना को इसी मकसद से शुरू किया है, ताकि पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच एकता को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि हमें राज्यों को जोड़ने की संस्कृति विकसित करनी पड़ेगी। तभी पूरा भारत एक साथ मिलकर आगे बढ़ेगा।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने राजपथ से सख्त संदेश देते हुए कहा कि देश की एकता और मूल्यों के साथ खिलवाड़ करने का किसी को अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल समाज में समानता और सशक्तिकरण के सबसे बड़े पैरोकार थे। पटेल ने महिला आरक्षण के लिए पहल की और अहमदाबाद नगर निगम में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए कदम उठाया। लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री ने राजपथ से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

देश में एकता को बढ़ावा देने के संदेश के साथ इस यात्रा का आयोजन देशभर में किया जा रहा है। इसमें छात्रों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां भी हिस्सा ले रही हैं।

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 140 वीं जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘सरदार पटेल के महान कार्यों को याद करना और महान संकल्‍पों को लेकर जीना-मरना देश के हर युवा का दायित्‍व है। वे लौह पुरुष के रूप में केवल अखबार में छापे जाने की वजह से नहीं माने गए। सरदार पटेल का देश की एकता से अटूट नाता है और वे अपने फैसलों की वजह से पटेल ‘लौह पुरुष’ बने। उन्‍होंने शक्ति और समझदारी से फैसले लिए तब जाकर वे लौह पुरूष कहलाए। भारत की एकता के लिए सरदार पटेल का योगदान कम नहीं आंका जा सकता। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद किया।’

‘पटेल ने सम्पूर्ण भारत को एकता के सूत्र में बांधा’
पीएम ने कहा, ‘अंग्रेज चाहते थे कि आजादी के बाद भारत एकता के सूत्र में न बंधे, इसलिए उन्‍होंने अपने शासनकाल में विभाजनकारी नीतियों के बीज बोए, लेकिन सरदार पटेल ने भारत को एकता के सूत्र में बांध दिया। चाणक्‍य के बाद भारत को एकता के सूत्र में सरदार पटेल ने ही बांधा। एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत बने, इसके लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों का सामूहिक पुरुषार्थ जरूरी है।’

‘राजनीति को परिवारवाद ने कलंकित किया’
पीएम ने राजपथ पर एक बार फिर कहा, ‘सरदार साहब की कई विशेषताएं थीं। सरदार साहब के स्‍वच्‍छता अभियान की तारीफ खुद महात्‍मा गांधी ने की थी। महात्‍मा गांधी की बातों में सटिकता थी। सरदार महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू से ही जागरूक थे। 1930 से पहले पटेल अहमदाबाद में म्युनिसिपलिटी में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव लाए थे। सरदार साहब का जीवन हमें प्रेरणा देता है।’ इस अवसर पर पीएम ने कहा कि परिवारवाद ने राजनीति को कलंकित किया।

‘पीएम ने दिलाई एकता-अखंडता की शपथ’
इस मौके पर पीएम मोदी के साथ वहां मौजूद लोगों ने एकता का संकल्‍प लेते हुए कहा कि ‘मैं सत्‍य निष्‍ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्‍ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्‍वयं को समर्पित करूंगा। मैं अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्‍न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं, जिसे सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्‍य निष्‍ठा से संकल्‍प करता हूं।’

‘रन फॉर यूनिटी’ को दिखाई हरी झंडी
संबोधन के बाद प्रधानमंत्री ने ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौड़ में स्कूली बच्चों सहित भारी संख्या में लोगों और खिलाड़ियों ने हिस्‍सा लिया। पीएम के संबोधन से पहले प्रधानमंत्री और गृह मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू, दिल्‍ली के उप राज्‍यपाल नजीब जंग ने सरादर पटेल की प्रतिमा पर पुष्‍प अर्पित किए।

पीएमओ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि रन फॉर यूनिटी में भागदारी स्वैच्छिक है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय एकता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को नई दिल्ली में भारत सरकार के कई कार्यालयों में राष्ट्रीय एकता के लिए शपथ दिलाई गई। राज्यों में भी समारोह का आयोजन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न स्थानों पर केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे।