मोतिहारी।… बिहार में तीन चरणों के मतदान के बाद बाकी दो चरणों के लिए प्रचार करते-करते भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह अपने रंग में आने लगे हैं। कहा जा सकता है उन्हें शायद हार का आभास होने लगा है, तभी तो गुरुवार को एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा कि अगर बिहार में बीजेपी हार गई तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।

अमित शाह के इस बयान की राजनीतिक गलियारों में खूब आलोचना हो रही है। माकपा ने अमित शाह को टिप्पणी को लेकर आड़े हाथ लिया और कहा कि जब एनडीए बिहार विधानसभा चुनाव में हारेगा तो पूरे भारत में पटाखे छोड़े जाएंगे।

माकपा नेता वृंदा करात ने इसके साथ ही कहा कि बीजेपी नेता को अपनी पार्टी की ‘निश्चित’ हार का ‘सांप्रदायिकरण’ करना बंद कर देना चाहिए। पार्टी ने शाह पर बिहार का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।


वृंदा करात के हवाले से पार्टी ने ट्विट किया, ‘अमित शाह जब आप बिहार में हारेंगे तो पूरे भारत में पटाखे छोड़े जाएंगे। अपनी निश्चित हार का सांप्रदायिकरण बंद करो।’

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अमिता शाह के इस बयान के विरोध में बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन निर्वाचन आयोग से मिलेगा और शाह की शिकायत करेगा। पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘बिहार विधानसभा चुनाव में गलती से भी अगर बीजेपी हार गई तो जय-पराजय तो बिहार में होगी, परंतु पटाखे पाकिस्तान में जलेंगे।’

प्रधानमंत्री के वादों को जुमले बताने वाले शाह ने हालांकि कहा कि बिहार में बीजेपी की लहर चल रही है और हर हाल में एनडीए की सरकार बनेगी। इधर, जेडीयू प्रवक्ता के.सी. त्यागी ने कहा कि शाह का यह बयान बिहार के सभी दलितों, महादलितों सहित उन अधिकांश लोगों का अपमान है, जो बीजेपी के हारने पर खुश होंगे और पटाखे जलाएंगे। ऐसे में क्या ये सभी लोग पाकिस्तानी हो जाएंगे?

उन्होंने बताया कि महागठबंधन के नेता दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलकर शाह के खिलाफ कारवाई करने की मांग करेंगे तथा बिहार के चुनाव से शाह को अलग रखने का निवेदन भी करेंगे।

रक्सौल की जनसभा में शाह ने आगे कहा कि बिहार 25 साल में पिछड़ गया है। कई राज्यों के सभी गांवों में बिजली पहुंच गई, सड़कें बन गई, परंतु बिहार पीछे रह गया। आज बिहार के लोगों की आखों में परिवर्तन दिख रहा है। उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू इस चुनाव को अगड़ी जातियों और पिछड़ी जातियों की लड़ाई बता रहे हैं, परंतु सही अर्थ में यह चुनाव अगड़े और पिछड़े बिहार के बीच की लड़ाई है। शाह ने अगड़ा बिहार बनाने के लिए एनडीए को वोट देने की अपील की।

माना जा रहा है कि शाह के ऐसे बयान मौजूदा बिहार का जातीय समीकरण महागठबंधन के पक्ष में जाते देख बीजेपी में छाई घबराहट के संकेत हैं। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए पांच चरणों में मतदान होना है। एक नवंबर को चौथे और पांच नवंबर को पांचवें चरण का मतदान होगा। चुनाव के नतीजे पटाखे जलाने के दिन यानी दिवाली से ठीक तीन दिन पहले, आठ नवंबर को घोषित होंगे।