उत्तराखंड सरकार

सरकारी दफ्तरों में कोई कार्य करवाना हो तो महीनों लग जाते हैं। अधिकारियों की लेटलतीफी की आदत की वजह से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे सरकार के प्रति लोगों में नकारात्मक संदेश जाता है। अधिकारियों की इस लेटलतीफी की आदत से कोई एक राज्य या जिला नहीं बल्कि पूरा देश पीड़ित है। लेकिन उत्तराखंड सरकार ने अब इस ओर ध्यान देते हुए किसी भी अधिकारी के पास पहुंची पत्रावलियों पर कार्यवाही करने के लिए अधिकतम समय-सीमा तय कर दी है।

मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने एक पत्र जारी करके इस संबंध में सभी सरकारी कर्मचारियों को यह ऑर्डर भेजा है। इसमें सचिव, मंडलायुक्त, उत्तराखंड सरकार के विभिन्न विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी शामिल हैं। चिट्ठी में कहा गया है कि शासकीय कार्यों में लेटलतीफी के कारण जनमानस में सरकार की नकारात्मक छवि बन रही है और किसी भी कार्य से संबंधित पत्रावली के प्रत्येक अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर निस्तारण के लिए अधिकत्तम चार दिन का समय लिया जा सकता है।

माना जा रहा है कि जब किसी भी अधिकारी को किसी भी स्थिति में उसके पास आए कार्य को 4 दिन के भीतर निपटाने की जिम्मेदारी होगी तो इससे शासकीय कार्यों में तेजी आएगी और लोगों को परेशान भी नहीं होना पड़ेगा। इससे जनता में सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश भी जाएगा।