उत्तराखंड में अल्मोड़ा स्थित एक प्राइवेट स्कूल के हॉस्टल में वॉर्डन का घिनौना काम किसी भी बच्चे के माता-पिता ही नहीं बल्कि आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा। स्थानीय प्राइवेट स्कूल में वॉर्डन के पद पर रहते हुए आरोपी राम सिंह ने 12 फरवरी, 2015 की रात को वहां रह रहे लड़के से जबरन अप्राकृतिक यौनाचार किया था।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने बुधवार को नाबालिग बालक के शारीरिक और मानसिक शोषण के मामले में आरोपी रानीखेत निवासी स्कूल वॉर्डन राम सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह को 14 साल की कठोर जेल और 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी है।

स्थानीय प्राइवेट स्कूल में वार्डन के पद पर रहते हुए आरोपी राम सिंह ने 12 फरवरी, 2015 की रात को वहां रह रहे लड़के से जबरन अप्राकृतिक यौनाचार किया था। इसकी रिपोर्ट बालक के पिता ने नौ मार्च, 2015 को थाना कोतवाली रानीखेत में दर्ज कराई थी।

पुलिस ने इसी दिन राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने धारा 377, 506 आईपीसी और पाक्सो अधिनियम की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में विशेष वकील अरुण गौड़ ने पीड़ित पक्ष की ओर से मामले में छह गवाहों को पेश किया।

मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 377 में आठ साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में तीन साल का कठोर कारावास, धारा छह पाक्सो अधिनियम में 14 साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 10 पाक्सो अधिनियम में पांच साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।

न्यायालय ने जुर्माने की रकम में से 50 हजार रुपये पीड़ित बालक को देने के आदेश दिए हैं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।