त्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी मौन व्रत रखकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन एक समय एनडी तिवारी की मंत्री रह चुकीं मौजूदा वित्त मंत्री डॉ इंदिरा हृदयेश का कहना है कि उन्हें इस उम्र में पचड़े में नहीं पड़ना चाहिए।

इंदिरा हृदयेश ने कहा कि एनडी तिवारी सुशीला तिवारी अस्पताल से इमोशनली जुड़े हुए हैं, हांलाकि वित्त मंत्री ने बताया कि उन्होंने पूर्व सीएम से धरने पर न बैठने का भी अनुरोध किया था, लेकिन वे नहीं माने।

वित्त मंत्री ने भी स्वीकार किया है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं और सुविधाएं जिस स्तर की होने चाहिए थी, वैसी नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री की उम्र काफी हो गई है। लिहाजा इस विषय को उन्हें युवाओं पर छोड़ देना चाहिए। जबकि उन्हें मनाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि मनाए जाने का कोई प्रश्न नहीं है, लेकिन आयु के लिहाज से उन्हें इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहिए। उनके धरने और मौन व्रत के पीछे किसी राजनैतिक ताकत के सक्रिय होने की बात से वित्त मंत्री ने इनकार किया है।

दूसरी तरफ लगातार महानगर की शक्ल ले रहे हल्द्वानी शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री डॉ इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि हल्द्वानी की पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर कर ली गई है। उन्होंने कहा है कि शहर की चालीस साल पुरानी पेयजल लाइनों के पुर्नगठन की भी आवश्यकता है, लेकिन अलग-अगल चरणों में ही पेयजल लाइनों को बदला जाएगा।

उन्होंने कहा है कि विधायक निधि से भी लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक धनराशि खर्च की है। वित्त मंत्री ने पेयजल विभाग की समस्याओं को लेकर भी राज्य सरकार के गंभीर होने की बात कही है।