भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की फाइल फोटो

उत्तराखंड में देहरादून के ऋषिकेश में मंगलवार को जगन्नाथ भगवान की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा मधुबन आश्रम से निकलकर ऋषिकेश के कई मार्गों से होकर अपने अंतिम पड़ाव नगर पालिका ऋषिकेश पहुंची।

माना जाता है कि जो इस रथ की रस्सी को खींचता है उसकी सभी मनोकामना पूरी हो जाती हैं। यात्रा में देश-विदेश से हजारों भक्तों, साधकों, अनुयायियों ने भाग लिया और पुण्यलाभ अर्जित किया। इस मौके पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कीर्तन मंडलियों, भक्तों ने भगवान श्रीराधाकृष्ण का गुणगान किया।

मुनि की रेती स्थित आश्रम में स्वामी भक्तियोग महाराज के सानिध्य में सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान की मंगल आरती उतारी गई। सुबह जगन्नाथ भगवान, बलदेव, सुभद्रा और सुदर्शन चक्र को फूलों से सजाए गए रथ पर विराजित किया गया।

सुबह स्वामी राधा वृंदावन चंद्र महाराज ने भगवान के रथ के आगे चांदी का झाड़ू लगाकर और रस्सा खींचकर धार्मिक यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया। यात्रा मार्ग पर हजारों भक्तों ने रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और रथ का रस्सा खींचकर पुण्य प्राप्त किया।

मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर यात्रा का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में रथ का रस्सा खींचने की होड़ लगी रही। यात्रा शाम को नगर पालिका परिसर में संपन्न हुई।

यात्रा में आश्रम संस्थापक श्री प्रभुपाद महाराज की प्रतिमा, लुधियाना की पाइप बैंड टोली, केरल की चंदी मेलम टोली, मुरादाबाद के स्काउट एंड गाइड आदि विशेषरूप से शामिल थे। इसके साथ ही शहर के कई स्कूलों की एनसीसी टीमों ने भी भाग लिया।