सांकेतिक तस्वीर

प्रेमी जोड़े ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं और फिर दोनों ने घर से भागने के बाद कोर्ट में पहुंचकर कानूनी तरीके से अपने रिश्ते को शादी का नाम भी दे दिया। लेकिन इन दोनों की प्रेम कहानी में एक ‘विलेन’ की एंट्री हो गई। ये विलेन कोई और नहीं बल्कि लड़के की पहली पत्नी थी, मामला खुलते ही कोर्ट परिसर में हंगामा खड़ा हो गया।

पत्नी ने शादी के फोटोग्राफ के रूप में बाकायदा सुबूत भी पेश किए। लेकिन, प्रेमी के शादीशुदा होने की बात सुनकर भी प्रेमिका उसके साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। कोर्ट ने युवती को बालिग मानते हुए उसे पति के साथ भेजने के आदेश दिए। मंगलवार को रुड़की कोर्ट में सामने आई यह घटना दिनभर सुर्खियों में छाई रही।

भगवानपुर की एक फैक्ट्री में काम करने वाली युवती करीब एक सप्ताह पहले सहकर्मी के साथ फरार हो गई थी। उसके परिजनों ने युवती को नाबालिग बताते हुए आरोपी के खिलाफ बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था।

तीन दिन बाद कोर्ट मैरिज कर लौटी युवती ने खुद को बालिग बताते हुए प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई थी। उम्र को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए शिकायतकर्ता मनोज सिरोला ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल रिपोर्ट में युवती की उम्र 20 से ज्यादा निकलने पर मंगलवार को उसे रुड़की एसीजेएम कोर्ट में पेश किया जा रहा था।

अचानक सहारनपुर की एक महिला परिवार के साथ कोर्ट में पहुंची और युवक को अपना पति बताया। प्रेमी युगल के बीच पत्नी आ जाने पर सबकी निगाहे पत्नी की तरफ दौड़ पड़ी। महिला और उसके परिजनों ने बताया कि दूसरी शादी गुपचुप की गई है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराएंगे। इतना सब कुछ पता चलने के बाद भी घर से भागकर कोर्ट मैरिज करने वाली युवती टस से मस नहीं हुई।

सरकारी वकील प्रवीण तोमर के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने युवती को बालिग मानते हुए उसे पति के साथ जाने के आदेश दिए हैं। प्रेमिका के साथ शादी करने वाला युवक अपनी पत्नी पर खूब अत्याचार करता था। महिला ने फावड़े से हमला करने के भी फोटो दिखाए। महिला ने बताया कि उसका पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था।

सिर में चोट के निशान भी महिला ने दिखाए। पति-पत्नी और वो का ये मामला वकीलों और फरियादियों के बीच पूरे कोर्ट परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।