विपक्ष तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले दिन से ही निराश था, कुछ अपने भी समय के साथ नाराज हो गए। लेकिन अब जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र से निराशा हाथ लगी है। शंकराचार्य का कहना है कि पीएम मोदी अपने पुराने तेवर खो चुके हैं।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का कहना है कि देश में गौ-माता की हत्या रोकने के लिए न तो कोई कानून लागू हो पा रहा है न ही गौमांस निर्यात रोकने के लिए कोई कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जैसे सशक्त प्रधानमंत्री के रहते गौवंश के उत्पीड़न की घटनाओं का जारी रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने देश में लागू आरक्षण की समीक्षा और जनमत कराने की जरूरत बताई।

मंगलवार को ऋषिकेश में आयोजित एक कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम ने कहा कि हिंदू समाज ने मोदी को इसलिए वोट दिया था, क्योंकि उन्होंने एक कार्यक्रम में टोपी पहनने से इनकार किया था, मगर वर्तमान में देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उससे ऐसा लगता है कि पीएम मोदी अपने पुराने तेवर खो चुके हैं।

जगद्गुरु ने देश में लागू आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आरक्षण के चलते प्रतिभावान नौजवान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा, जिस उद्देश्य से आरक्षण का प्रावधान किया गया था उस पर सामूहिक विमर्श और राष्ट्रीय सहमति की जरूरत महसूस की जाने लगी है। आरक्षण के मुद्दों पर सभी दलों को राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर गंभीरता से मंथन करना चाहिए।

ऋषिकेश स्थित मुनि की रेती के शीशमझाड़ी स्थित रामानंद आश्रम में ब्रह्मलीन आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद महाराज का 110वां प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर आश्रम परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मंगलवार को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज के परम सानिध्य में रामानंद आश्रम में स्वामी प्रकाशानंद महाराज की जयंती पर रुद्राभिषेक, सुंदरकांड पाठ, सेवाभिषेक आदि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस मौके पर जुटे संत-महात्माओं द्वारा ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किए गए और उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस मौके पर शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने स्वामी प्रकाशानंद के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि स्वामी प्रकाशानंद महाराज रामानंद आश्रम के संस्थापक स्वामी रामानंद के गुरु थे। कहा कि उन्होंने अपना जीवन जन कल्याण में होम कर दिया। धार्मिक अनुष्ठान में परमार्थीक न्यास, रवींद्र भदोलिया, विनोद मिश्रा, जगदीश गुप्ता, नारायण शास्त्री आदि मौजूद थे।