धार्मिक नगरी हरिद्वार में गंगा क्लोजर लाखों-करोडों मछलियों के लिए मौत का सबब बनकर आया। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने भीमगोड़ा बैराज से गंग नहर बंद कर दी, जिसके चलते लाखों-करोडों की संख्या में मछलियां बिन पानी के तड़प-तड़पकर मर गई। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मछलियों के मारे जाने की जिम्मेदारी लेने के लिए न तो यूपी सिंचाई विभाग और न ही उत्तराखंड के सरकारी महकमे तैयार हैं।

इतनी भारी तादाद में मरी मछलियों से जबरदस्त दुर्गन्ध उठने से इस क्षेत्र से निकलना मुश्किल हो गया है। हरिद्वार पहुंची केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के अनुसार अधिकारियों को संवेदनशील होकर योजनाएं बनानी चाहिए और इस बारे में वह दोनों राज्यों की सरकारों से वार्ता करेंगी।

यूपी सिंचाई विभाग ने 23 अक्टूबर की रात भीमगोड़ बैराज से उत्तरी और पूर्वी गंगनहर के बैराजों के गेट पूरी तरह से बंद कर दिए थे, जिसके बाद सूखी नहरों में मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं, लेकिन न तो यूपी और न ही उत्तराखंड के सरकारी महकमों के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी सुध ली।

साल भर बहने वाली गंगा की इस धारा में बडी संख्या में मछलियां और जलीय जीव रहते हैं। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के गंग नहर बंद करने से भारी संख्या में हुई मछलियों की इस मौत के बाद अब महामारी फैलने का भी खतरा है।