सांकेतिक तस्वीर

गरमपानी।… हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर 26 सवारियों की जान बाल-बाल बच गई। उत्तराखंड रोडवेज की एक बस के ब्रेक फेल होने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लेकिन ड्राइवर ने हिम्मत नहीं हारी और गाड़ी को ऐसे स्थान पर पहाड़ी से टकराने के लिए छोड़ दिया, जहां सभी जिंदगी सलामत बच गई।

इस हादसे से एक बार फिर पहाड़ों पर खटारा बसों को दौड़ाने वाले परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। मामला मंगलवार का है। रोडवेज की बस UA 07-M-7194 अल्मोड़ा से टनकपुर के लिए रवाना हुई। दिन में गरमपानी से कुछ दूर रामगाढ़ क्षेत्र में बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए।

बस ड्राइवर नंदा बल्लभ भट्ट मामले की गंभीरता को समझ गए। वहीं सवारियों को भी सब कुछ आभास हो गया। बस में कुछ 26 यात्री सवार थे। एक-दूसरे के चेहरों का हावभाव पल भर में ही समझ आया तो एक के बाद दूसरा हरेक यात्री जिंदगी की खातिर चीख पड़ा। हो हल्ला मचा, लेकिन ड्राइवर नंदाबल्लभ हिम्मत नहीं हारे।

चीख-पुकार के बीच ड्राइवर ने धीरज खोए बगैर गाड़ी को पहाड़ी से टकराने में ही भलाई समझी। खास बात कि ड्राइवर ने उस स्थान को टक्कर के लिए चुना जहां गाड़ी टकराए तो सही लेकिन मौत यात्रियों को छू भी न पाए। हुआ भी ऐसा ही। नंदाबल्लभ की सूझबूझ काम कर गई।

रामगाढ़ की पहाड़ी पर बस टकराई और फिर धीरे से पलटती हुई हाईवे पर ही गिरी। झटका जरूर लगा, लेकिन सभी यात्रियों की जान सलामत बच गई। कुछ यात्रियों को हल्की खरोंच जरूर लगी, लेकिन औंधे गिरी बस से बारी-बारी सभी यात्री सकुशल बाहर निकल आए। बाद में कुछ इंतजार करने के बाद यात्री दूसरे वाहन से भगवान का नाम लेकर गंतव्य को रवाना हो गए।