उमा भारती और हरीश रावत (फाइल फोटो)

देहरादून।… केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने उत्तराखंड सरकार से कहा है कि वह राज्य में ‘नमामि गंगे योजना’ के तहत आने वाली परियोजनाओं का खाका एक सप्ताह के भीतर दे।

मुख्यमंत्री हरीश रावत और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रविवार को हरिद्वार में हुई बैठक के दौरान उमा ने राज्य से कहा कि वह अगले साल होने वाले ‘अर्धकुंभ मेले’ से पहले सभी बड़े काम पूरे कर ले।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार उमा ने कहा, ‘नमामि गंगे योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं का पूरा खाका एक सप्ताह के भीतर मिल जाना चाहिए, ताकि ज्यादातर काम अगले साल अर्धकुंभ मेले से पहले खत्म हो सकें।’ उन्होंने कहा कि गंगा जिन पांच राज्यों से गुजरती है, उनकी इस महत्वकांक्षी योजना को लागू करने में विशेष भूमिका है। इस योजना का लक्ष्य पवित्र नदी को स्वच्छ करना और अविरल धारा को बनाए रखना है।

‘नमामि गंगे योजना’ के लिए उत्तराखंड महत्वपूर्ण है क्योंकि गंगा और उसकी कई सहायक नदियों का उद्गम इसी राज्य में है। आवश्यक खाका समय रहते सौंप देने के संबंध में उमा को आश्वासन देते हुए, मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उसे बारीकी के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि वह तकनीकी रूप से सही हो और कोई गलती ना हो।

मुख्यमंत्री ने अर्धकुंभ मेले के समय को देखते हुए, उसके लिए केन्द्र से धन दिलाने में केन्द्रीय मंत्री से सहयोग भी मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की ओर से धन जल्दी मिलने पर इस बड़े आयोजन से संबंधित स्थाई कार्यों में तेजी आ जाएगी।

रावत ने आश्वासन दिया कि अर्धकुंभ मेले से संबंधित ज्यादातर महत्वपूर्ण कार्य इस साल दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे और बाकि अगले साल जनवरी तक पूरे हो जाएंगे।

उमा ने आश्वासन दिया कि वह दिल्ली वापसी के बाद इस संबंध में वित्तमंत्री अरुण जेटली से बात करेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और शौचालय सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया।