सांकेतिक तस्वीर

देश में त्योहारों का मौसम है और ऐसे में छोटी-छोटी घटनाएं भी लोगों में दहशत पैदा कर देती हैं। इसी क्रम में दशहरा से दीपावली तक के लिए बंद हुई गंगनहर में पांच रॉकेट लॉन्चर व दो कारतूस मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारियों सहित बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंची तमाम चीजों की पड़ताल की।

शुरुआती जांच में सभी रॉकेट लॉन्चर डिफ्यूज पाए गए हैं। रुड़की कैंट से करीब पांच किलोमीटर पहले नहर से इस तरह की चीजें मिलने पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने जांच के लिए सेना से भी संपर्क किया है।

गंगनहर में इन दिनों सालाना बंदी चल रही है। हर साल की तरह लोग नहर से कीमती सामान खोजने में जुटे हैं। सोमवार को रुड़की और पिरान कलियर के बीच मेहवड़ पुल के पास कुछ बच्चे नहर में सिक्के व धातु ढूंढ रहे थे।

इसी दौरान उनकी नजर नहर में पड़े रॉकेट लॉन्चर व कारतूस पर पड़ी। इसी बीच घाट पर पूजा कर रहे ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना से पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कलियर पुलिस सहित एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सीओ रुड़की कुलदीप असवाल भी तत्काल मौके पर पहुंचे।

बम निरोधक दस्ते की पड़ताल में पांचों रॉकेट लॉन्चर निष्क्रिय बताए गए। इन हथियारों का इस्तेमाल अमूमन सेना के जवान युद्ध या अभ्यास के दौरान करते हैं। ऐसे में पुलिस ने सेना से भी संपर्क साधा है। सीओ कुलदीप असवाल ने बताया कि गंगनहर से डिफ्यूज लॉन्चर मिले हैं, इस बारे में आर्मी को भी रिपोर्ट भेजी गई है। नहर में रॉकेट व कारतूस कैसे पहुंचे, इसकी हर एंगल से पड़ताल की जा रही है।

रुड़की क्षेत्र में सेना के हथियार मिलने का यह पहला मामला नहीं है। कैंट के लालकुर्ती क्षेत्र से लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में कई बार सैन्य सामग्री मिली है। इस बार मिलिट्री क्षेत्र से पांच किलोमीटर पहले यह हथियार मिले हैं। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि सैन्य क्षेत्र से डिफ्यूज लॉन्चर व कारतूस स्क्रैप में आ गए होंगे। पकड़े जाने के डर से कबाड़ के काम से जुड़े किसी व्यक्ति ने नहर में फेंक दिया होगा।