हमेशा से गोमुख को ही पवित्र गंगा नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। हिन्दू जनमानस में गोमुख तीर्थ स्थान है और गंगा मां समान पवित्र। लेकिन हाल में ही विदेशी वैज्ञानिकों ने तिब्बत स्थित पवित्र मानसरोवर को गंगा का उद्गम स्थल बताकर एक नई बहस छेड़ दी है।

ऐसे में सोमवार को एनआईएच पहुंची केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने वैज्ञानिकों को नए सिरे से शोध के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान पहुंची कैबिनेट मंत्री साध्वी उमा भारती ने यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एडवांस्ड ग्राउंड वाटर रिसर्च लैब का उद्घाटन किया।

इससे पहले उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ एक बैठक की। जिसमें उन्होंने संस्थान के सभी कार्यों और शोध आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने संस्थान के कार्यों पर संतोष प्रकट करते हुए वैज्ञानिकों को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

एनआईएच डायरेक्टर प्रोफेसर राजदेव सिंह ने बताया कि संस्थान की ओर से नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग हिमालयन इकोलॉजी प्रोग्राम चल रहा है। जिसके तहत गंगा पर 11 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उन्होंने संस्थान के साफ पानी प्रोजेक्ट, बुलंदेलखंड प्रोजेक्ट, साल 2000 से गंगोत्री ग्लेशियर पर की जा रही स्टडी आदि के बारे में भी बताया।

उमा भारती ने कहा कि वैसे तो गंगा का उद्गम गोमुख से माना जाता है। लेकिन, विदेशी वैज्ञानिक ने गंगा का उद्गम मानसरोवर से होने की बात कही है। इसलिए इस पर शोध जरूरी है। उन्होंने एनआईएच रुड़की को नए सिरे गंगा के उद्गम पर शोध करने के निर्देश देते हुए इस पर काम शुरू करने को कहा है।

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केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बैठक के बाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एडवांसड ग्राउंड वाटर रिसर्च लैब का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने ग्राउंड वाटर डेटिंग, स्टेबल आईसोटॉप, सोयल वाटर, वाटर क्वालिटी आदि लेबोरेटरी का निरीक्षण किया और वहां हो रहे कार्यों के बारे में जानकारी की।

उन्होंने संस्थान की लाइब्रेरी भी देखी। इसके बाद उन्होंने संस्थान में पौधरोपण भी किया। इस दौरान उनके साथ दिल्ली से आई जेएसए डॉ. अमिता प्रसाद, डिप्टी सेक्रेटरी एस.के. गर्ग आदि मौजूद रहे। बैठक में डॉ. शरद कुमार जैन, डॉ. संजय कुमार जैन, डॉ. सीके जैन, डॉ. मनोहर अरोड़ा, डॉ. रमा मेहता आदि मौजूद थे।

उमा भारती ने कहा कि एनआईएच रुड़की में गंगा से जुड़े तमाम कार्य हो रहे है। उन्होंने कहा कि रुड़की में ‘सेंटर फॉर गंगा’ खोला जाएगा। जिसमें गंगा से जुड़े तमाम कार्य होंगे। यह सेंटर एनआईएच की देखरेख में कार्य करेगा। इस सेंटर को खोले जाने के लिए काम शुरू हो गया है।