सर्वदलीय बैठक की फाइल फोटो

उत्तराखंड की प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में विधानसभा का सत्र 2 नंवबर से 6 नवंबर तक चलेगा। चमोली जिले के गैरसैंण में विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां इन दिनों जोरों पर हैं।

गैरसैंण विधानसभा सत्र को लेकर सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने ये कहकर बहिष्कार कर दिया कि सत्र से इतने दिन पहले और देहरादून में बैठक करने का औचित्य नहीं है। बैठक के लिए नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट अपने विधानसभा क्षेत्र रानीखेत से देहरादून पहुंचे ही नहीं।

गैरसैंण में विधानसभा सत्र की तैयारियों के मद्देनजर ही विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति ने तय किया है कि गैरसैंण विधानसभा सत्र के पहले दिन यानी 2 नंवबर को सबसे पहले सदन में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धाजंलि दी जाएगी और उसके बाद सामान्य कामकाज आगे बढ़ाया जाएगा। शाम 4 बजे सदन में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा और अगले दिन 3 नवंबर को बजट पास कराया जाएगा। 6 नवबंर तक प्रस्तावित सत्र में कुछ विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

विधानसभा सत्र से पहले सर्वदलीय नेताओं की समन्वय बैठक बुलाने की परपम्‍रा रही है, लेकिन गैरसैंण सत्र को लेकर स्पीकर द्वारा बुलाई गई बैठक में नेता प्रतिपक्ष नहीं पहुंचे और न ही बीजेपी का कोई अन्य विधायक ही बैठक में शिरकत करने पहुंचा। बिना विपक्ष के ही सर्वदलीय नेताओं की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत, ससंदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश, बीएसपी के विधायक हरिदास और यूकेडी के मंत्री प्रीतम पंवार शामिल हुए। लेकिन ये सभी दल सरकार के सहयोगी दल हैं। अथार्त बिना विपक्ष के ही सर्वदलीय बैठक हुई।

नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर देहरादून में होने वाली बैठक के औचित्य पर ही सवाल उठा दिया। अजय भट्ट ने पत्र में कहा है कि सत्र से इतने दिन पहले और वो भी देहरादून में सर्वदलीय नेताओं की बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है, जबकि विधानसभा का सत्र गैरसैंण में हो रहा है तो बैठक भी गैरसैंण में होनी चाहिए थी।

नेता प्रतिपक्ष के रवैये पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संसदीय परम्‍पराओं और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। अगर नेता प्रतिपक्ष सर्वदीलय बैठक में आकर अपनी बात कहते तो एक बैठक गैरसैंण में भी सत्र से पहले बुलाई जा सकती थी।

स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी नेता प्रतिपक्ष के बैठक में शामिल न होने को गलत बताया। स्पीकर का कहना है कि अगर गैरसैंण जैसी जगह पर भी विधानसभा सत्र को शांतिपूर्वक तरीके से न चला पाए तो उसके संदेश के परिणाम के लिए सबको तैयार रहना चाहिए। स्पीकर कुंजवाल ने सभी दलों के विधानसभा सदस्यों से गैरसैंण सत्र में शांतिपूर्ण तरीके से जनहित के मुद्दों को उठाने की अपील की।

सत्र को लेकर सरकार और विधानसभा स्‍टाफ अपनी तैयारियां कर रहे हैं तो वहीं विपक्ष भी अपनी तैयारियों को अंजाम दे रहा है। कार्यमंत्रणा समिति के सदस्य और बीजेपी के हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक का कहना है कि विपक्ष ने सरकार के खिलाफ सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों की सूची तैयार कर ली है। आपदा, सीडी प्रकरण, खनन, कानून व्यवस्था, बीजेपी विधायकों का मामला सहित तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की जाएगी।