भतरौजखान।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को कहा है कि अब मिर्च उगाने वाले काश्तकारों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यही नहीं राज्य में बेमौसमी प्याज के उत्पादन पर भी जोर दिया जाएगा।

अल्मोड़ा जिले में भतरौजखान के पास अपने पैतृक गांव मोहनरी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गांवों के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं। लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, खास तौर पर अल्मोड़ा और पौड़ी जिले के लोग योजनाओं का लाभ उठाने में पीछे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मिर्च उगाने वाले काश्तकारों को प्रति क्विंटल 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि गांवों की योजनाओं का फायदा तभी मिलेगा जब लोग इन योजनाओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए जंगल के हिस्से में दीवार बंदी और बंदरबाड़े बनाने की योजना बनाई है, जबकि दूध, मिर्च सहित सभी पहाड़ी उत्पादों के विकास पर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।

अगर लोग खेती पर ध्यान नहीं देंगे तो सरकार की योजनाएं बेकार हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि नींबू, माल्टा, गलगल, संतरा सहित कद्दू, लौकी को खरीदने के लिए मूल्य निर्धारण योजना तय की जा रही है। तिमूर के बीज के मंजन को विश्व बाजार में बेचने की योजना भी बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि हमने प्याज कि नई प्रजाति का बीज तैयार कर लिया है। अब हम बेमौसमी प्याज का भी उत्पादन करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने मोहनरी पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।