कुमाऊनी और गढ़वाली भाषा जल्द होगी पाठ्यक्रम में शामिल – शिक्षा मंत्री

मौका था उत्तराखंड की गढ़वाल सभा की ओर से राज्य की 15वीं वर्षगांठ और उत्तराखंड शहीद सत्येंद्र चौहान की स्मृति में जीआईसी सेलाकुई में रंगारंग कार्यक्रमों का। जहां बतौर मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी शामिल हुए।

मंत्री ने इस मौके पर जीआईसी सेलाकुई का नाम शहीद सतेंद्र चौहान के नाम पर रखने की घोषणा की और साथ ही कहा कि गढ़वाली के साथ ही जौनसारी और कुमाऊनी भाषा को जल्द ही पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा.

उन्होंने पहाड़ से होते पलायन पर गहरी चिंता जताई और कहा कि पहाड़ी बोली और भाषा के संरक्षण के लिए इस तरह के कार्यक्रमों पर जोर दिया जाते रहना चाहिए।

रंगारंग कार्यक्रम के चलते लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों पर पर लोग जमकर झूमे। उन्होंने गढ़वाली गीतों की सुरली प्रस्तुति से सबको झूमने पर विवश कर दिया। उन्होंने ना काटा यो डाला समेत कई गीतों की प्रस्तुति दी.