राज्य सरकार पूरे उत्तराखंड में कन्याओं को स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधा देने की कोशिश में जुटी है और यही कोशिश ऋषिकेश में भी हो रही है। लेकिन हर समस्या के लिए सरकार के पास जाएं तो समाधान में देरी होती ही है। ऋषिकेश राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में शौचालय बनवाने के लिए हर छात्रा से 200 रुपये वसूले गए हैं। यह रुपये किसी और ने नहीं बल्कि प्रिंसिपल ने वसूले हैं।

प्रिंसिपल का कहना है कि हर समस्या को लेकर सरकार के पास नहीं जा सकते। ऋषिकेश के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 1200 छात्राएं पढ़ती हैं। इस हिसाब से लगभग एक लाख बीस हजार रुपये छात्राओं से वसूले गए। जबकि सरकार स्कूलों में शौचालय सहित हर तरह की सुविधाएं छात्राओं को मुहय्या करवाने की कोशिश कर रही है।

दरअसल स्कूल में पहले से ही शौचालय बना हुआ था, लेकिन रख रखाव के अभाव में शौचालय की स्थिति बद से बद्दतर हो गई, जिस कारण स्कूल की प्रिंसिपल ने सरकार के पास न जाकर खुद ही छात्राओं से रुपये लेकर स्थिति को सुधारने की कोशिश की।

छात्राओं का कहना है कि प्रिंसिपल ने उनसे 200 रुपये लिए हैं, लेकिन उनको इसकी रसीद नहीं दी गई। बालिका इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल खुद ही इस को बात स्वीकार रही हैं कि हर समस्या को लेकर सरकार के पास नहीं जा सकते हैं और अगर जाते भी हैं तो सरकार सभी तरह की सुविधाएं समय पर नहीं देती हैं।