पुलिस और आपूर्ति विभाग ने शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे के तीन गादामों में छिपाए गए 15 करोड़ रुपये मूल्य की दाल जब्त की। इससे एक बात साफ हो गई है कि देश में दाल की कमी जानबूझकर पैदा की गई है, ताकि कीमतें बढ़ाई जा सकें और केंद्र सरकार को बदनाम किया जा सके।

स्थानीय पुलिस और आपूर्ति विभाग के कर्मी जिले में जमाखोरों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार छापे मार रहे हैं। ठाणे आयुक्तालय के जनसंपर्क अधिकारी गजानन कबडुले ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि यहां शील दैघर क्षेत्र में तीन गोदामों में मारे गए छापे में 15 करोड़ रुपये मूल्य की करीब 1,650 मीट्रिक टन दाल जब्त की गई।

कबडुले ने बताया कि आवश्यक वस्तु रख-रखाव कानून, 1955 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं उनमें सरस्वती पल्सेज के पवन अग्रवाल और श्लोक ट्रेडर्स तथा धवल फुड प्रोडक्ट्स लिमिटेड के अमित जाधव शामिल हैं।

छापेमारी में जब्त स्टॉक में सफेद चना और साबुत तुअर (अरहर) शामिल हैं।