18 साल पुराने शिक्षक भर्ती घोटाले में नपेंगे कई अफसर, कसेगा शिकंजा

करीब 18 साल पुराने कथित सहायक अध्यापक एलटी भर्ती घोटाले के मामले में अब शिक्षा विभाग के कई अफसर नप सकते हैं। यह कथित घोटाला साल 1997 में हुआ था। मामले में अपर मुख्य सचिव एस. राजू ने शुक्रवार को सचिव शिक्षा को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन संयुक्त निदेशक नंद नंदन पांडे सहित चयन समिति में शामिल अन्य अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। महाराष्ट्र कैडर की आईएएस निधि पांडे के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा।

शिक्षा विभाग की ओर से साल 1997 में सहायक अध्यापक एलटी के 450 पदों के लिए भर्ती की विज्ञप्ति जारी की गई थी। बाद में इन पदों को बढ़ाकर 1200 किया गया। इन पदों को साल 1998 में भर भी दिया गया।

इसी बीच आरोप लगा कि चयन समिति ने भर्तियों में विषय संयोजन को दरकिनार कर दिया। यह भी आरोप लगा कि आरक्षण कोटे का भी ध्यान नहीं रखा गया। मामले की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने साल 2008 में 37 शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त कर दी। इसके बाद यह शिक्षक कोर्ट चले गए।

अदालत में शिक्षकों के पक्ष में फैसला आने के बाद इन्हें बहाल कर दिया गया। इसके बाद शिक्षकों के चयन में कथित गड़बड़ी पर सरकार ने साल 2011 में तत्कालीन शिक्षा महानिदेशक निधि पांडे को जांच के आदेश दिए।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन को जांच रिपोर्ट आज तक नहीं मिली। मामला फाइलों में दबा रहा। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव एस. राजू ने शिक्षा सचिव एमसी जोशी से मामले की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।