सांकेतिक तस्वीर

कोटद्वार।… पौड़ी जिले में कोटद्वार क्षेत्र के ग्रामसभा बालासौड़ के अंतर्गत मोहल्ला ब्रह्मपुरी में रहने वाली दुल्हन अपने विवाह समारोह में शराब न परोसने पर अड़ गई। दुल्हन ने जिद पकड़ ली कि अगर उसकी शादी में शराब परोसी गई तो वह शादी नहीं करेगी। फिर क्या था, एक दुल्हन की जिद के आगे हार गई पहाड़ों में फैली ये कुसंस्कृति, फिर गूंजे मंगलगीत और शहनाई।

शुरुआत में तो परिवार के कुछ सदस्यों ने उसके इस फैसले पर विरोध जताया, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अड़ी रही। नतीजा काफी सुखद निकला, विवाह समारोह के दौरान न तो शराब परोसी गई और न ही किसी पियक्कड़ ने शादी समारोह की तरफ कदम बढ़ाने की हिम्मत की।

खबरों के अनुसार, ब्रह्मपुरी (बालासौड़) निवासी नैना भारद्वाज पुत्री शंभू प्रसाद भारद्वाज की शादी गुरुवार को थी। इससे पहले, बुधवार रात को उनके आवास पर न्यूतेर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसे पहाड़ का दुर्भाग्य ही कहा जाना चाहिए कि शराब के बढ़ते चलन के चलते न्यूतेर कार्यक्रम आज ‘पीतेर’ जैसे कार्यक्रमों में बदल गया है।

नैना और उसकी बहनें शराब के सख्त खिलाफ थीं और उन्होंने विवाह समारोह में शराब न परोसे जाने की बात पहले ही परिजनों को बता दी थी। शुरुआत में परिजनों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन, बुधवार को नैना के साथ ही उसकी बहनों काजल, शैफाली व मानसी ने स्पष्ट कह दिया कि यदि न्यूतेर में शराब परोसी गई अथवा किसी ने शराब पी तो वो शादी नहीं होने देंगी।

दुल्हन और उसकी बहनों की यह कोशिश रंग लाई और न्यूतेर में न तो शराब नजर आई और न ही शराबी। नैना ने बताया कि उनके दादाजी व उत्तराखंड नशाबंदी परिषद के प्रदेश संयोजक जगमोहन भारद्वाज ने उन्हें शराब जैसी बुरी आदत के प्रति जागरुक किया व इसके बाद ही उन्होंने यह निर्णय लिया।

इलाके के लोगों ने भी नैना व उनकी बहनों के हौसले को सलाम करते हुए अन्य युवतियों से भी शराब का बहिष्कार करने का आह्वान किया है।