सांकेतिक तस्वीर

एक बार ब्याने (बछड़ा पैदा होने) के बाद गाय एक से डेढ़ साल तक दूध देती है। लेकिन देवभूमि उत्तराखंड में एक ऐसी गाय के बारे में जानकारी मिली है जो पिछले 12 साल से लगातार बिना गर्भ के ही दूध दे रही है। यह बात सुनने में भले असंभव सी लगती है पर यह सच है।

उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र के चंपावत जिले में मदन सिंह की गाय 12 साल से बिना गर्भ धारण किए लगातार दूध दे रही है। सभी इससे हैरान हैं। इस ‘कामधेनु’ गाय को पाकर पशुपालक परिवार भी काफी खुश है।

चंपावत जिले के टनकपुर तहसील में खेतखेड़ा निवासी मदन सिंह महर की गौशाला में बंधी गाय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। मदन सिंह महर बताते हैं कि साल 2003 में यह गाय चंपावत के मेलाकोट के रहने वाले त्रिलोक सिंह तड़ागी ने उन्हें दी थी। वह इस गाय को चंपावत से टनकपुर लाए।

उस समय गाय का एक बछड़ा भी साथ था, जो टनकपुर पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद मर गया। उसके बाद से अब तक यह गाय बिना गर्भ धारण किए लगातार दूध दे रही है। ऐसा भी नहीं है कि गाय नाम मात्र का दूध दे रही हो, बल्कि एक समय में तीन से चार लीटर तक दूध देती है।

अमर उजाला से ली गई असली गाय की तस्वीर
अमर उजाला से ली गई असली गाय की तस्वीर

आजीविका सहयोग परियोजना के पशु चिकित्सक डॉ. अमित कुमार सिंह का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में गाय का बिना गर्भ धारण किए लगातार दूध देना संभव नहीं है, लेकिन लोहाघाट क्षेत्र में पहले भी इस तरह के एक-दो मामले सामने आ चुके हैं, जहां गाएं बिना गर्भधारण के दूध दे रही थीं।

जांच करने पर पाया गया कि पशुपालकों की ओर से किट लगाए जाने के कारण ऐसा संभव हो सका। इस मामले में भी गाय की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।