मुख्यमंत्री हरीश रावत अल्मोड़ा जिले में द्वारसौं के नानीसार गांव में एक अंतरराष्ट्रीय आवासीय विद्यालय का शिलान्यास करने पहुंचे। उन्होंने स्कूल का शिलान्यास तो कर दिया लेकिन मुख्यमंत्री को गांव वालों की नाराजगी का समाना करना पड़ा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड के गैर आबाद गांवों को फिर से बसाने की पहल शुरू कर दी है। फिलहाल नौ गांवों को इस योजना के लिए चयनित किए गया है। इन गांवों में उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ ही अस्पताल और अन्य जरूरी संस्थान खोले जाएंगे, जिनमें नानीसार गांव भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के खुलने से जहां प्रतिभाशाली ग्रामीण बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी, वहीं लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने नानीसार द्वारसौं के करीब 10 बैड का आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने, द्यौलाड़गूंठ पेयजल योजना के निर्माण अलावा द्वारसौं-काकड़ीघाट और ईड़ा-जौरासी मार्ग में डामरीकरण करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री हरीश रावत गुरवार दोपहर बाद तीन बजे हेलीकॉप्टर से नानीसार पहुंचे।

उनके साथ नई दिल्ली के सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी भी थे। सीएम रावत ने कहा कि यहां अंतरराष्ट्रीय आवासीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकना बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार पूरी तरह खाली हो चुके गांवों को बचाने की कोशिश कर रही है।

नानीसार सहित ऐसे नौ गांवों का फिलहाल चयन किया गया है जहां शिक्षण संस्थान और अस्पताल खोले जाएंगे। इन गांवों को ईको टूरिज्म से जोड़ा जाएगा। ग्रामीणों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के माध्यम से अनुदान देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। सीएम ने बरसाती पानी के संरक्षण के लिए चाल-खाल बनाने को कहा।

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अखरोट, भीमल, बांज जैसे जल संचय के वन विकसित करने पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि सरकार शिल्पकारों को भी पेंशन योजना से जोड़ने जा रही है। द्वाराहाट के विधायक मदन बिष्ट ने भी क्षेत्र से हो रहे पलायन पर चिंता जाहिर की। कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की पहल से इस क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं।

एक तरफ सीएम हरीश रावत ने आवासीय विद्यालय का शिलान्यास किया तो दूसरी तरफ नानीसार के ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने पहुंचे करीब 38 ग्रामीणों को पुलिस ने गिरफ्तार कर दूर जाकर छोड़ दिया, जबकि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन राम सहित कई प्रदर्शनकारी देर रात तक पुलिस हिरासत में थे।

गुरुवार सुबह बीजेपी नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन राम के नेतृत्व में कई ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शिलान्यास कार्यक्रम स्थल मार्ग पर डट गए। यहां नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध करने पहुंची महिलाओं और अन्य लोगों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस ने सीएम के पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

नानीसार के ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने ग्रामीणों के चारागाह को गलत तरीके से निजी कंपनी को दे दिया। इस मामले में ग्रामीणों को विश्वास में भी नहीं लिया गया। ग्रामीणों के जानवरों के लिए चारे का संकट खड़ा हो रहा है। उनका कहना था कि वे किसी भी हालत में इसका शिलान्यास नहीं होने देंगे। स्थिति को बिगड़ता देख एसपी, सीओ, कोतवाल, एसडीएम सहित तमाम पुलिस अधिकारियों ने जवानों को ग्रामीणों को गिरफ्तार करने के निर्देश दे दिए। इस दौरान वहां भगदड़ सी मच गई।