रुद्रप्रयाग जिले को बने 17 साल से भी ज्यादा का वक्त हो गया है। खुशी की बात है कि 17 साल बाद ही सही, आखिरकार जिले का विकास भवन बनकर तैयार हो गया है। लेकिन विकास भवन से आस लगाए लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

इसका उद्घाटन आगामी नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर किया जाएगा। अब जिला विकास के तमाम कार्य खुद के कार्यालय से हो पाएंगे। इससे पहले यह कार्यालय अतिथि भवन में किए जा रहे थे।

18 सितंबर 1997 को उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मायावती सरकार ने रुद्रप्रयाग जिले के निर्माण की घोषणा की थी। जिला निर्माण के बाद जैसे-तैसे विभागों का संचालन शुरू हुआ। पहले दौर में तो कई सालों तक जिला स्तरीय अधिकारी पैतृक जिले चमोली से ही कार्यों का संचालन करते रहे। लेकिन, इसके बाद राज्य निर्माण होने से जिलास्तरीय अधिकारी जिले में ही तैनात किए गए।

अधिकारी तो तैनात हुए, लेकिन भवन के अभाव में विभागीय कार्यालय किराये के भवनों में शुरू किए गए। कई विभाग तो रुद्रप्रयाग शहर के बीचोंबीच स्थित पर्यटन विभाग के अतिथि गृह से संचालित हुए। जिलाधिकारी कार्यालय भी इसी अतिथि गृह से संचालित हुआ।

साल 2004 में जिलाधिकारी कार्यालय का निर्माण बेलाखुरड़ में किया गया। इसके बाद अब जिलाधिकारी कार्यालय के पास ही स्थित बेलाखुरड़ में 10 करोड़ की लागत से बन रहे मुख्य विकास भवन का निर्माण भी पूरा हो गया है। आगामी नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर इस भवन का उद्घाटन कर दिया जाएगा। इसके बाद विभिन्न विभागों को अपना ठिकाना मिल पाएगा।

वर्तमान में भवन न होने के कारण मुख्य विकास कार्यालय सहित कई विभाग पर्यटन विभाग के अतिथि गृह से ही संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा कई विभाग किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। नवनिर्मित विकास भवन में लगभग 64 कमरे हैं। इसमें मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही जिला विकास अधिकारी, समाज कल्याण, जिला सूचना कार्यालय, जिला समाज कल्याण, जिला उद्यान विभाग, जिला सेवायोजन विभाग सहित 17 विभाग इस भवन में शिफ्ट किए जाएंगे। नवनिर्मित भवन चार मंजिला है।

इस भवन के निर्माण का जिम्मा संभाल रहे कार्यदाई संस्था आरईएस (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा) अवर अभियंता जेएस पंत ने बताया कि नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर इस भवन का लोकार्पण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। तीन मंजिला भवन बन कर तैयार हो गया है। अंतिम मंजिल पर आफिस शिफ्ट होने के बाद भी कार्य चलता रहेगा।