गैरसैंण सत्र में पारित हो हिमालय विकास नीति और केंद्र को भेजा जाए प्रस्ताव : कांग्रेस

देहरादून।… उत्तराखंड कांग्रेस ने गुरुवार को मुख्यमत्री हरीश रावत से अगले महीने चमोली जिले में प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान पंचायती राज अधिनियम को पारित कराने और हिमालय संरक्षण के लिए विकास नीति बनाने का प्रस्ताव पारित करा उसे केंद्र को भेजने का आग्रह किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में गए पार्टी प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से मिलकर यह आग्रह किया और इस संबंध में उन्हें पत्र भी सौंपा। उन्होंने उत्तराखंड के गठन को करीब 15 वर्ष होने के बावजूद, राज्य का अपना पंचायती राज अधिनियम नहीं होने पर चिंता जताई।

उपाध्याय ने कहा, ‘यदि इस विधाानसभा सत्र में राज्य का पंचायती राज अधिनियम पारित हो जाता है तो इससे राज्य में त्रिस्तरीय प्रशासन सुदृढ़ होगा।’ नौ सितंबर को ‘हिमालय दिवस’ मनाने संबंधी मुख्यमंत्री के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए उपाध्याय ने कहा, ‘हिमालय के संरक्षण के लिए एक ‘सस्टेनेबल हिमालयन डेवेलॉपमेंट पॉलिसी’ बनाने का एक प्रस्ताव भी उत्तराखंड विधानसभा द्वारा पारित कर केंद्र को भेजा जाना चाहिए। इससे इस दिशा में चल रहे आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।’

इस मौके पर उपाध्याय ने रावत को कांग्रेस कमेटी की ओर से गैरसैंण में होने वाले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन के एजेंडे में शामिल प्रस्तावों की जानकारी देते हुए उन्हें उसमें शामिल होने का निमंत्रण पत्र भी दिया। उन्होंने आमजन को प्याज और दाल जैसी दैनिक जरूरत की चीजों को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मुझे सूचना मिली है कि राज्य सरकार रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, भवन निर्माण सामग्री तथा बसों के किराए जैसी चीजों पर अतिरिक्त कर लगाने पर विचार कर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘केन्द्र सरकार की उपेक्षापूर्ण नीतियों के कारण पहले ही मंहगाई की मार से त्रस्त आम आदमी के ऊपर और बोझ डाले जाने से उसका जीना और कठिन हो जाएगा और यह जनता के हित में नहीं होगा।’ उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में कर बढ़ाए जाने पर पुर्नविचार करने को कहा।