अगर आप इस साल उत्तराखंड के चारधामों की यात्रा करना चाहते हैं तो जल्दी करें। क्योंकि चारों धामों (गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) के कपाट बंद होने की तिथि और शुभ मुहूर्त तय हो गया है।

सर्दियों में केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित सभी धामों के कपाट बंद करने का दिन तय कर दिया गया है। गुरुवार की सुबह विजया दशमी के मौके पर सभी धर्माचार्यों की मौजूदगी में दिन और मुहूर्त तय किया गया। माना जाता है कि जब इन इलाकों में भीषण सर्दी पड़ती है तो भगवान सोने के लिए चले जाते हैं और इन दिनों यहां पर जीवन शून्य में बदल जाता है।

कब किस धाम के कपाट होंगे बंद

  • भगवान तुंगनाथ के कपाट 3 नवंबर को सुबह 10:35 बजे बंद होंगे।
  • भगवान केदारनाथ के कपाट 13 नवंबर सुबह 8 बजे बंद होंगे।
  • बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नंवबर को शाम 4:35 बजे बंद होंगे।
  • भगवान मद्महेश्वर के कपाट 24 नवंबर को सुबह 7 बजे बंद होंगे

पूरे विधि-विधान से बंद होंगे कपाट
चार धामों के कपाट पूरे विधि-विधान और पूजा के साथ बंद किए जाएंगे। सदियों से चली आ रही परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। पहाड़ों में अभी हल्की ठंड पड़ रही है। इसलिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। जैसे-जैसे बर्फबारी तेज होगी, वहां पर आना-जाना बंद कर दिया जाएगा।

12 नवंबर को बंद होंगे गंगोत्रीधाम के कपाट
विश्व प्रसिद्ध गंगोत्रीधाम के कपाट 12 नवंबर को दोपहर 1.15 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। नवरात्र के पावन पर्व पर मंगलवार 13 अक्टूबर को गंगोत्रीधाम में तीर्थ-पुरोहितों की सभा में कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला गया था।

मुहूर्त के अनुसार 12 नवंबर को सुबह साढ़े सात बजे से कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नौ बजे तक पारंपरिक पूजा-अर्चना के बीच चर बेला मुहूर्त में मां गंगा का श्रृंगार उतारा जाएगा।

इस दौरान श्रदालु मां गंगा के निर्वाण दर्शन कर सकेंगे। ठीक एक बजकर पंद्रह मिनट पर मां गंगा के कपाट शील बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद एक बजकर पच्चीस मिनट पर अमृत बेला पर कुंभ लगन में मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा के लिए रवाना हो जाएगी। यहां 13 नवंबर को मुखबा पहुंचकर पूरे विधि-विधान के साथ मां गंगा की भोग मूर्ति मुखबा में बने गंगा मंदिर में प्रतिष्ठापित कर दी जाएगी।

13 नवंबर को बंद होंगे यमुनोत्री के कपाट।