उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का गांव बुघाणी पौड़ी जिले में श्रीनगर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। बहुगुणा के पैतृक घर को संग्रहालय में बदलने का काम इन दिनों जोरशोर से जारी है।

संस्कृति व पुरातत्व विभाग के साथ ही लोक निर्माण विभाग की देखरेख में विकसित किए जा रहे हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय संग्रहालय का कार्य अगले साल अप्रैल तक पूरा होने का अनुमान है। संग्रहालय में हिमपुत्र स्वर्गीय बहुगुणा से जुड़ी यादों को संकलित किया जा रहा है, जिनमें बहुगुणा द्वारा हाथ से लिखी हुई 560 चिट्ठियां भी शामिल हैं।

संग्रहालय के पहले चरण में दस्तावेजीकरण दूसरे में संरक्षण व तीसरे चरण में भवन साज सज्जा का काम होना है। फिलहाल संग्रहालय निर्माण के तहत दो चरणों का काम हो चुका है, जबकि अंतिम चरण का निर्माण कार्य जारी है।

गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के साथ केन्द्रीय मंत्री भी रहे स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की यादों को संजोए रखने के लिए राज्य की पूर्व एनडी तिवारी सरकार ने उनकी याद में बहुगुणा के गांव बुघाणी में स्थित उनके पैतृक निवास को संग्रहालय में बदलने की घोषणा की थी, हालांकि घोषणा के विपरीत लम्बे समय तक इस दिशा में कोई कदम ही नहीं उठाया जा सका था।

पिछले कुछ महीनों से संग्रहालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इन दिनों इसका निर्माण कार्य जोरशोर से जारी है। लोक निर्माण विभाग के एग्जक्यूटिव इंजीनियर सुरेश तोमर का कहना है कि तीन चरणों में किए जा रहे संग्रहालय का निर्माण कार्य अप्रैल तक पूरा किया जा सकेगा। हालांकि लम्बे समय से लटके और अब धीमी गति से हो रहे निर्माणकार्य की रफ्तार को देखकर नहीं लगता कि ये तयशुदा समय में बनकर तैयार हो सकेगा।

इस सबके बावजूद यदि बुघाणी में राजकीय संग्रहालय अस्तित्व में आता है तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कद्दावर राजनीतिक सख्शियत रहे स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के व्यक्तित्व से आने वाली भावी पीढ़ी रूबरू हो पाएगी।