नाभीढ़ांग।… गृह मंत्रालय इस बात पर हैरान और चिंतित है कि उत्तराखंड में पिथौरागढ़ और चमोली के सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय निवासी और सुरक्षाकर्मी नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि भारत की कोई सरकारी अथवा निजी दूरसंचार कंपनी वहां अपनी सेवाएं नहीं पहुंचा पा रही है।

पिथौरागढ़ जिले में धारचूला तहसील की ऊपरी पहाड़ियों और चमोली जिले के ग्वालदाम इलाके में रहने वाले लोग नेपाल की दूरसंचार सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि यहां कोई भारतीय सरकारी अथवा निजी दूरसंचार कंपनी अपनी सेवाएं प्रदान नहीं करती।

धारचूला तहसील के गुंजी ओर नाभी गांवों के लोग भी ग्वालदम इलाके में रहने वाले लोगों के साथ पिछले कई सालों से नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए वह सिर्फ संपर्क ही नहीं करते बल्कि इंटरनेट का इस्तेमाल भी करते हैं।

इन कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को कहीं अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं, लेकिन उनका कहना है कि उनके पास आईएसडी की दर पर भुगतान करने के अलावा और कोई चारा नहीं है। सिर्फ स्थानीय नागरिक ही नहीं, सुरक्षाकर्मी भी संपर्क के लिए नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।

kiren-rijijuगृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि उत्तराखंड में भारत-नेपाल और भारत-चीन सीमा की दो दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने पाया कि धारचूला की ऊपरी पहाड़ियों, जिनमें कालनापानी, कुटी, नवीदांग और बुधी के इलाके शामिल हैं, में रहने वाले करीब 20,000 लोग नेपाल की दूरसंचार सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं को बताया, ‘भारी हैरानी के बीच मैंने पाया कि अग्रिम इलाकों में तैनात सुरक्षा बल नेपाल की मोबाइल टेलीफोन सेवाएं इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि वहां कोई भारतीय दूरसंचार नेटवर्क काम नहीं करता। यह बहुत गंभीर मामला है, जो हमारी सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। यह एक गंभीर विषय है जो सुरक्षा से समझौता करता है।

रिजिजू फौरन ही संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद से संपर्क करेंगे ताकि संवेदनशील इलाकों में भारतीय संचार सेवाओं का विस्तार करने के लिए जरूरी काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि नेपाल की संचार सेवाओं का इस्तेमाल हो रहा है क्योंकि भारतीय संचार नेटवर्क नहीं हैं।

Pithoragarh-village

गृह राज्य मंत्री ने कहा, हमें सभी सीमावर्ती इलाकों में संचार सेवाएं बेहतर करने के लिए अवश्य ही फौरन काम शुरू करना चाहिए, जहां हमारे लोग और बल विदेशी नेटवर्क सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। मंत्री ने गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से यह पता लगाने को भी कहा है कि दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर भारतीय सुरक्षा बलों को नेपाल के संचार नेटवर्क का इस्तेमाल करने की इजाजत कैसे दी जा रही है।

गौरतलब है कि इन सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय लोग और सुरक्षाकर्मी नेपाली सिमकार्डों का इस्तेमाल कर रहे हैं।